UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में शारदा और घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ के हालात गंभीर हो गए हैं. पलियाकलां में शारदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे कई गांवों में पानी भर गया और प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं. मझौरा-इमलिया मार्ग बंद होने से एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है. प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है.
शारदा नदी के उफान से बढ़ी मुश्किलें
बनबसा बैराज से एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर मंगलवार शाम 154.690 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 154.590 मीटर से ऊपर है. बाढ़ का पानी सड़कों, खेतों और रेलवे लाइन के किनारे तक फैल गया है. बरुआ कला, छोटा बरुआ और दौलतापुर सहित कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जबकि मझौरा-इमलिया मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है.
मगरमच्छों का बढ़ा खतरा, प्रशासन अलर्ट
बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ भी आबादी वाले इलाकों और सड़कों तक पहुंचने लगे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, मगरमच्छ कई पालतू जानवरों का शिकार कर चुके हैं. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी. वहीं, संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने चार बाढ़ राहत केंद्र और तीन बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं.
राहत कार्य तेज, कटान रोकने की कोशिश
जिलाधिकारी अंजनी कुमार और अन्य अधिकारियों ने कटान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की. प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. उधर, बिजुआ के बझेड़ा तटबंध पर कटान रोकने का कार्य शुरू कर दिया गया है. वहीं धौरहरा क्षेत्र में घाघरा नदी के तेज बहाव से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनी कटानरोधी परियोजना का लगभग 30 मीटर हिस्सा नदी में समा गया है, जिसके बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया है.
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