UP News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का वाराणसी और मिर्जापुर दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. आधिकारिक तौर पर इसे धार्मिक यात्रा बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं.
धार्मिक यात्रा या चुनावी संदेश!
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया. उन्होंने गंगा आरती में भी हिस्सा लिया और कालभैरव मंदिर में मत्था टेका. इस दौरान उन्होंने सनातन संस्कृति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी के विकास की सराहना की. हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी राज्य में किसी मुख्यमंत्री का दौरा केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जाता और इसके राजनीतिक संकेत भी होते हैं.
वैश्य वोट बैंक पर बीजेपी की नजर
रेखा गुप्ता वैश्य (बनिया) समाज से आती हैं. उत्तर प्रदेश में वैश्य समुदाय की आबादी करीब 7 से 8 प्रतिशत मानी जाती है और लगभग 60 से 70 विधानसभा सीटों पर यह वर्ग चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की स्थिति में है. भाजपा का मानना है कि यह वर्ग लंबे समय से उसका पारंपरिक समर्थक रहा है. ऐसे में रेखा गुप्ता के जरिए पार्टी इस समुदाय को यह संदेश देना चाहती है कि संगठन और सरकार में वैश्य समाज को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला हुआ है.
पीडीए रणनीति के जवाब में बीजेपी की तैयारी
समाजवादी पार्टी जहां पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के जरिए नए सामाजिक समीकरण बनाने में जुटी है, वहीं भाजपा भी अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने के साथ-साथ नए समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि रेखा गुप्ता की सक्रियता इसी रणनीति का हिस्सा हो सकती है.
क्या 2027 में स्टार प्रचारक होंगी रेखा गुप्ता ?
रेखा गुप्ता का संगठनात्मक और राजनीतिक अनुभव भाजपा के लिए बड़ी ताकत माना जाता है. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष से लेकर तीन बार पार्षद और अब दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने तक का उनका सफर उन्हें पार्टी का मजबूत चेहरा बनाता है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा उन्हें प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल कर सकती है, खासकर पूर्वांचल और शहरी क्षेत्रों में.
महिला वोटरों पर भी रहेगा फोकस
भाजपा रेखा गुप्ता के जरिए महिला नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी मजबूत करना चाहती है. पार्टी को उम्मीद है कि एक महिला मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी मौजूदगी महिला मतदाताओं के बीच सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकती है. इसके साथ ही व्यापारियों और वैश्य समाज के बीच उनकी सक्रियता भाजपा को चुनावी बढ़त दिलाने में मददगार साबित हो सकती है.
फिलहाल धार्मिक दौरा, लेकिन राजनीतिक चर्चा तेज
भाजपा ने रेखा गुप्ता के उत्तर प्रदेश दौरे को धार्मिक यात्रा बताया है, लेकिन उनके स्वागत, संगठन की सक्रियता और लगातार हो रहे कार्यक्रमों ने राजनीतिक अटकलों को तेज कर दिया है. हालांकि, पार्टी ने अभी तक उन्हें 2027 चुनाव के लिए किसी विशेष भूमिका में उतारने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. ऐसे में उन्हें भाजपा का संभावित "ट्रंप कार्ड" या प्रमुख स्टार प्रचारक बताया जाना फिलहाल राजनीतिक विश्लेषण और अटकलों का विषय है.
Input: Ravi Ranjan Kumar
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