UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बारिश के बाद हुए भीषण जलभराव ने आम जनजीवन के साथ न्यायिक कामकाज को भी प्रभावित किया. स्थिति इतनी खराब रही कि न्यायाधीशों को कोर्ट पहुंचने में देरी हुई. इससे नाराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रयागराज के डीएम और नगर आयुक्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है.
जलभराव पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
शहर में लगातार बारिश के कारण कई जगह जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई. इस मामले में न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान लिया. कोर्ट ने पूछा कि बारिश शुरू होने से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए डीएम और नगर आयुक्त की ओर से क्या इंतजाम किए गए थे.
न्यायाधीशों को कोर्ट पहुंचने में हुई देरी
हाईकोर्ट ने कहा कि जलभराव का असर सामान्य जनजीवन और कारोबार के साथ न्यायिक कामकाज पर भी पड़ा. जलभराव के कारण न्यायाधीशों को अदालत पहुंचने में देरी हुई, जिससे कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने में भी विलंब हुआ. अदालत ने इसे न्याय प्रशासन में सीधे तौर पर हस्तक्षेप माना है.
सरकार से भी मांगा जवाब
हाईकोर्ट ने नगर विकास सचिव से हलफनामा भी मांगा है. कोर्ट ने पूछा है कि प्रयागराज शहर को लगातार बारिश के कारण होने वाले जलभराव से बचाने के लिए सरकार ने कौन-कौन सी योजनाएं स्वीकृत की हैं और इन योजनाओं पर कितना काम हुआ है. अदालत ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी भी मांगी है.
गुरुवार को होगी अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई बृहस्पतिवार को होगी. DM और नगर आयुक्त की पेशी के दौरान महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी को अदालत में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है. साथ ही रजिस्ट्रार (कम्प्लायंस) को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
