UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज होती जा रही है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता की चिंता करने के बजाय पहले अपनी पार्टी को बचाने की नसीहत दी.
2027 में सत्ता नहीं, पहले सपा बचाने की सोचिए
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव को 2027 में सत्ता हासिल करने की सोचने से पहले यह सोचना चाहिए कि 2027 से पहले समाजवादी पार्टी को कैसे बचाया जाए. उन्होंने दावा किया कि सपा के लोग ही अब पार्टी के पीडीए की कथित तौर पर पोल खोल रहे हैं. राजभर ने लिखा कि अखिलेश यादव के पीडीए में ‘पी’ यानी पिछड़ा और पंडित उनके साथ नहीं हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि जो दलित समाज का वर्ग सपा के साथ आया था, वह भी अब पार्टी के खिलाफ खुलकर खड़ा होने लगा है.
सहारनपुर सर्किट हाउस का जिक्र कर साधा निशाना
सुभासपा अध्यक्ष ने अपने बयान में सहारनपुर सर्किट हाउस की एक घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि वहां हुई बैठक में सपा के भीतर की स्थिति सामने आ गई. राजभर ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल का नाम लेते हुए उन पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वह अपने प्रदेश अध्यक्ष से इस बारे में पूछ सकते हैं. राजभर ने आरोप लगाया कि बैठक में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष खुलकर सामने आया.
दलित और गैर-यादव पिछड़े समाज का भी किया जिक्र
राजभर ने अपने पोस्ट में दलित समाज की जिला पंचायत सदस्य ममता चौधरी का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि एक बैठक में ममता चौधरी ने सपा नेताओं के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की. राजभर के मुताबिक, बैठक में दलित समाज और गैर-यादव पिछड़े समाज से जुड़े सपा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी के पीडीए समीकरण के लिए चुनौती के तौर पर पेश किया.
सोशल मीडिया पर टाइम पास से फुर्सत नहीं
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के महारथी हैं, इसलिए उन्हें अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का सलीका सिखाना चाहिए. उन्होंने सहारनपुर की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां सपा के नेता कुर्सी के लिए आपस में ही उलझ रहे थे. राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं के व्यवहार और पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी को लेकर भी तीखी टिप्पणी की.
2027 से पहले बढ़ेगी सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं. चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है. ऐसे में ओम प्रकाश राजभर का यह हमला सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ उनके लगातार आक्रामक रुख को दिखाता है. राजभर ने अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव को फिर निशाने पर लेते हुए कहा कि सत्ता की चाबी मिलने की उम्मीद छोड़कर अब उन्हें समाजवादी पार्टी को बचाने की चिंता करनी चाहिए.
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