Mathura Janmashtami 2026: ब्रज में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं. इस साल कृष्ण जन्मस्थान और ठाकुर केशवदेव मंदिर में 4 सितंबर 2026 को एक ही दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी. ऐसा दो साल बाद हो रहा है. इससे पहले 2024 में दोनों मंदिरों में एक ही दिन जन्माष्टमी मनाई गई थी.
इस बार एक ही दिन क्यों मनाई जाएगी जन्माष्टमी?
कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान में सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि होने पर जन्माष्टमी मनाई जाती है. वहीं, केशवदेव मंदिर में अष्टमी तिथि शुरू होने के दिन पर्व मनाने की परंपरा है. आमतौर पर दोनों मंदिरों में जन्माष्टमी अलग-अलग दिन होती है, लेकिन इस बार अष्टमी तिथि का समय ऐसा है कि दोनों जगह 4 सितंबर को ही पर्व मनाया जाएगा.
4 सितंबर को शुरू होगी अष्टमी तिथि
ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग के मुताबिक अष्टमी तिथि 4 सितंबर को सुबह 2:25 बजे शुरू होगी और 5 सितंबर को दोपहर 12:13 बजे तक रहेगी. श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि सूर्योदय के समय अष्टमी होने के कारण इस बार 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी.
मंदिरों में शुरू हुई तैयारियां
जन्माष्टमी को लेकर मथुरा-वृंदावन में उत्साह बढ़ने लगा है. मंदिरों की सजावट का काम शुरू हो गया है. भगवान श्रीकृष्ण के लिए खास पोशाक, मुकुट और फूलों की सजावट तैयार की जा रही है. जन्मोत्सव को भव्य बनाने के लिए मंदिर प्रबंधन तैयारी में जुटा है.
श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर तैयारी
जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की उम्मीद है. प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा, आने-जाने और दर्शन की व्यवस्था की जा रही है. दोनों प्रमुख मंदिरों में एक ही दिन जन्माष्टमी होने से इस बार ब्रज में उत्सव और भी खास रहने वाला है.
