अब ट्रांसफार्मर फूंकने पर नहीं रहेगा घंटों अंधेरा, लखनऊ में लागू होगा नोएडा मॉडल, 5 मिनट में आएगी लाइट

UP News: लखनऊ में बिजली की समस्या जल्द ही खत्म हो सकती है. लेसा नोएडा मॉडल की तर्ज पर शहर की बिजली व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी कर रहा है. इस नई व्यवस्था से ट्रांसफार्मर खराब होने पर भी कुछ ही मिनटों में बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी.

UP News: लखनऊवासियों को जल्द ही बिजली कटौती, ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. लेसा (लखनऊ विद्युत आपूर्ति प्रशासन) शहर की बिजली व्यवस्था को नोएडा मॉडल की तर्ज पर हाईटेक बनाने की तैयारी कर रहा है. योजना के तहत किसी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने या तकनीकी गड़बड़ी आने पर वैकल्पिक व्यवस्था से कुछ ही मिनटों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है.

2500 करोड़ रुपये से बदलेगा बिजली नेटवर्क

लखनऊ में वर्ष 2031 तक निर्बाध और 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत ढांचे को मजबूत करने की योजना तैयार की गई है. आरडीएसएस मॉडर्नाइजेशन योजना के तहत करीब 2500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर काम किया जा रहा है. मध्यांचल विद्युत निगम प्रबंधन ने इसको लेकर लेसा के चारों जोनों के मुख्य अभियंताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक भी की है. इस योजना के तहत शहर में नए बिजली उपकेंद्रों का निर्माण, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और पुराने नेटवर्क को आधुनिक बनाने का काम किया जाएगा. इसके अलावा बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए नए फीडर और आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे.

ट्रांसफार्मर फुंकने पर नहीं रहना पड़ेगा घंटों अंधेरे में

वर्तमान व्यवस्था में किसी इलाके का ट्रांसफार्मर खराब होने पर उपभोक्ताओं को कई घंटे तक बिजली संकट झेलना पड़ता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद वैकल्पिक ट्रांसफार्मर, फीडर और अंडरग्राउंड केबल के जरिए 5 से 10 मिनट के भीतर बिजली सप्लाई बहाल करने की योजना है. इसके लिए उपकेंद्रों को एक से अधिक ट्रांसमिशन सोर्स से जोड़ने की तैयारी है, ताकि किसी एक स्रोत में खराबी आने पर तुरंत दूसरे विकल्प से बिजली आपूर्ति शुरू की जा सके.

40 नए उपकेंद्र और हाईटेक कंट्रोल रूम की योजना

बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लखनऊ में करीब 40 नए उपकेंद्र और 10 पावर ट्रांसमिशन सबस्टेशन बनाने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही ओवरलोड वाले क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी. खराब मौसम या पेड़ों की टहनियों से होने वाली ट्रिपिंग रोकने के लिए पुरानी 11 केवी लाइनों को हटाकर इंसुलेटेड कंडक्टर लगाए जाएंगे. योजना में स्कॉडा सिस्टम पर आधारित हाईटेक कंट्रोल रूम भी शामिल है. इसके जरिए बिजली नेटवर्क में आने वाली खराबी की पहचान कर लोड को अपने आप दूसरे विकल्प पर शिफ्ट किया जा सकेगा.

चार जोनों के लिए अलग-अलग बजट प्रस्तावित

लखनऊ के चार प्रमुख बिजली जोनों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए अलग-अलग बजट प्रस्तावित किया गया है. इसमें अमौसी जोन के लिए 800 करोड़ रुपये, लखनऊ सेंट्रल जोन के लिए 600 करोड़ रुपये, गोमतीनगर जोन के लिए 600 करोड़ रुपये और जानकीपुरम जोन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है. योजना को अंतिम मंजूरी और बजट आवंटन के लिए जल्द ही पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल के साथ उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है. इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा.

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By Komal Agarwal

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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