उद्घाटन के महीने बाद ही धंसा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे , 10 जगहों पर पड़ीं दरारें, बारिश के कारण दो लेन बंद

UP News: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण के तुरंत बाद बारिश के पानी से धंस गया है. सड़क पर कई जगहों पर जलभराव और दरारें आ गई हैं, जिससे दो लेन बंद करनी पड़ी हैं. आईआईटी खड़गपुर की टीम जांच के लिए नमूने ले चुकी है.

UP News: लखनऊ एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और जलनिकासी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. रविवार की बारिश के बाद एक्सप्रेसवे पर करीब दस स्थानों पर सड़क धंस गई और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई. मरम्मत के चलते दो लेन पर यातायात प्रभावित रहा.

एक जगह मरम्मत पूरी नहीं, दूसरी जगह धंस रही सड़क

कानपुर-लखनऊ के बीच नवनिर्मित 63 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) का लोकार्पण 13 जुलाई को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. निर्माण में अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का दावा किया गया था, लेकिन पहली बारिश के बाद ही सड़क के धंसने और जलभराव की समस्या सामने आने लगी है. रविवार को असोहा में किलोमीटर 47.9 से 47.1 तक करीब 800 मीटर, किलोमीटर 46.6 से 46.3 तक करीब 300 मीटर और किलोमीटर 45.5 पर बारिश का पानी जमा मिला. इन स्थानों पर सड़क धंसने की भी बात सामने आई. मेदपुर के पास किलोमीटर 44.4 से 44.1 तक और कुदिकापुर के पास किलोमीटर 41.3 से 41 तक सड़क दबने से पानी भर गया. वहीं किलोमीटर 42.2 पर भी जलभराव की स्थिति रही.

कई जगह जलनिकासी की नालियां भी टूटीं

किलोमीटर 44.6 और 40.6 पर जलनिकासी की नालियां टूट गईं. अचलगंज क्षेत्र में भी दो स्थानों पर सड़क धंसने की सूचना है. इतना ही नहीं, एक्सप्रेसवे के किनारे सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां भी कई स्थानों पर टूट गई हैं. अचलगंज में कुछ जालियां नीचे भरे पानी में पड़ी मिलीं, जिससे मवेशियों के एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है.

दो लेन बंद, डायवर्जन से निकाला गया यातायात

रविवार को किलोमीटर 39.7 पर कांथा और किलोमीटर 30.6 पर बेगमखेड़ा के पास मरम्मत कार्य किया गया. बारिश के कारण कुछ समय के लिए काम प्रभावित भी हुआ. सुरक्षा के मद्देनजर हल्के वाहनों के लिए दोनों लेन बंद कर डायवर्जन के जरिये यातायात को भारी वाहनों वाली लेन से निकाला गया. किलोमीटर 39.7 पर डायवर्जन लगाकर मरम्मत का काम किया गया, जबकि किलोमीटर 32.6 और 49.8 पर तौरा के पास भी मरम्मत कार्य जारी रहा.

IIT खड़गपुर की टीम ने लिए 90 जगहों से सैंपल

एक दिन पहले एनएचएआई की केंद्रीय टीम के तकनीकी सदस्य ने एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठाए थे. वहीं, एक्सप्रेसवे की तकनीकी जांच के लिए पहुंची आईआईटी खड़गपुर की टीम करीब 90 स्थानों से सैंपल लेकर लौट गई है. इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में आने की उम्मीद है. इस बीच लखनऊ-कानपुर लेन पर किलोमीटर 64 में दो दिन पहले उखड़ी सड़क की मरम्मत शुरू नहीं होने से वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है.

Input- Anjali

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By कोमल अग्रवाल

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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