Prayagraj Drug Factory: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नर्सरी के नाम पर तीन बीघा जमीन लीज पर लेकर टिनशेड में एमडी बनाने की फैक्टरी संचालित किए जाने का खुलासा हुआ है. मांडा क्षेत्र के कोसड़ा कला में जनवरी 2026 में फूल-पौधों की नर्सरी विकसित करने के नाम पर जमीन 60 हजार रुपये सालाना की लीज पर ली गई थी. मुंबई पुलिस की कार्रवाई में यहां से 52.932 किलोग्राम एमडी, करीब 260 लीटर रसायन और कई लैब उपकरण बरामद किए गए. छापेमारी के बाद नर्सरी के नाम पर चल रहे इस परिसर की असल गतिविधि सामने आई है.
नर्सरी के नाम पर ली गई थी जमीन
जांच में सामने आया है कि जमीन मालिक के पास करीब 22 बीघा जमीन बताई जा रही है. इसमें से तीन बीघा जमीन आरोपियों को दी गई थी. स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन लेने के बाद वहां फूल-पौधों की नर्सरी विकसित करने की बात कही गई थी. परिसर को इस तरह तैयार किया गया था कि बाहर से यह नर्सरी जैसा ही दिखाई देता था. स्थानीय लोगों ने इसके सेटअप को सामान्य नर्सरी से अलग और ‘वीआईपी सेट’ जैसा बताया है.
टिनशेड में तैयार थी लैब जैसी व्यवस्था
पुलिस की कार्रवाई के दौरान टिनशेड के भीतर लैब जैसे इंतजाम मिले. मौके से 250 और 150 लीटर क्षमता के फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल और थर्मामीटर समेत कई उपकरण बरामद किए गए. इसके अलावा करीब 260 लीटर रसायन भी मिला. इनमें एमएमए, एसीटोन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और क्लोरोफॉर्म शामिल बताए गए हैं. पुलिस ने मौके से 52.932 किलोग्राम एमडी भी बरामद की.
देर रात पहुंचीं गाड़ियां, चार लोग पकड़े गए
रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त की देर रात गांव में कई गाड़ियां पहुंचीं. कार्रवाई के दौरान परिसर में रह रहे चार लोगों को पकड़ा गया. जांच में सामने आया है कि भदोही निवासी रजनीश रामचंद्र मिश्रा और शिवधन शंभूनाथ मिश्रा ने करीब तीन बीघा जमीन लीज पर ली थी. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन लेने से लेकर लैब तैयार करने तक की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे.
जमीन मालिक के बेटे के संपर्क की भी जांच
जमीन मालिक का एक बेटा मुंबई में रहता है. ड्रग्स तस्करों के उसके बेटे से मुंबई में संपर्क होने की चर्चा है, लेकिन उसकी भूमिका या किसी नेटवर्क से उसके संबंध की पुलिस स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है. इस पहलू की भी जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष के आधार पर होगी.
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कोसड़ा कला में लंबे समय तक गतिविधियां चलने के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं. मांडा थाने में करीब 70 से 80 पुलिसकर्मियों की तैनाती बताई जा रही है. ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि हल्का प्रभारी और स्थानीय खुफिया तंत्र को इन गतिविधियों की भनक क्यों नहीं लगी. मुंबई पुलिस की कार्रवाई के बाद अब स्थानीय स्तर पर भी मामले की पड़ताल की जा रही है.
