UP News: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकवाने को लेकर रविवार को बड़ा विवाद सामने आया. आरोप है कि ट्रेन रुकने के बाद हुई कहासुनी के दौरान आरपीएफ (RPF) के जवानों ने डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (ऑपरेटिंग) नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें घसीटते हुए थाने तक ले गए. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन ने चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया है. मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गई है.
महिला यात्री के लिए ट्रेन रुकवाई, फिर बढ़ा विवाद
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 10:53 बजे अमृतसर से आने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची थी. इसी दौरान एक महिला यात्री पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गई. ट्रेन चलने लगी तो उसकी परेशानी को देखते हुए डिप्टी स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र चाहर ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी. आरोप है कि ट्रेन रुकते ही मौके पर पहुंचे आरपीएफ जवानों ने महिला पर चेन पुलिंग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी. जब नरेंद्र चाहर ने बताया कि ट्रेन उन्होंने रुकवाई थी, तो इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया.
मारपीट के आरोप, परिजनों ने की सार्वजनिक माफी की मांग
विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की और कहासुनी हुई. आरोप है कि कई आरपीएफ जवानों ने मिलकर नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट की और उन्हें प्लेटफॉर्म पर करीब 300 मीटर तक घसीटते हुए थाने ले गए. घटना के बाद शाम को नरेंद्र चाहर अपनी पत्नी और अन्य परिजनों के साथ डीआरएम गगन गोयल के आवास पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ सार्वजनिक माफी की मांग की. डीआरएम ने रेलवे इंस्टीट्यूट में परिजनों से मुलाकात की, जहां आरपीएफ कमांडेंट पी. राजमोहन और एडीआरएम गिरीश गुप्ता भी मौजूद रहे.
सांसद राजकुमार चाहर ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले की जानकारी मिलने पर भाजपा सांसद राजकुमार चाहर भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने डीआरएम से आरोपी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, उनके उत्तर मध्य रेलवे जोन से बाहर तबादले और मुकदमा दर्ज कराने की मांग की. इस दौरान सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों से वर्दी और सरकार दोनों की छवि खराब होती है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों को बचाने की कोशिश की गई तो वह इस मामले की शिकायत सीधे रेल मंत्री से करेंगे. सांसद के आश्वासन के बाद नरेंद्र चाहर और उनके परिजन धरना समाप्त कर घर लौट गए.
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