UP News: कुकरैल वन क्षेत्र में 1,500 करोड़ रुपये की परियोजना को हरी झंडी, पर्यावरणीय शर्तों के पालन का निर्देश; सिंगापुर, थाईलैंड, चीन और इंडोनेशिया के बाद दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी होगी. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की पहली नाइट सफारी के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कुकरैल नाइट सफारी एवं प्राणि उद्यान परियोजना को मंजूरी दे दी. हालांकि, अदालत ने साफ किया कि परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी मंजूरी
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने उस दलील को खारिज कर दिया कि परियोजना से पूरा वन क्षेत्र प्रभावित होगा. पीठ ने कहा कि विकास कार्यों को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता. विशेषज्ञों की निगरानी में सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाकर पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाया जा सकता है. अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह परियोजना के लिए केंद्र सरकार से सभी आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करे और केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी), केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से निर्धारित सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करे.साथ ही सीईसी को तीन महीने बाद परियोजना स्थल का निरीक्षण कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश भी दिया गया है.
1,500 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी परियोजना
करीब 1,500 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जाएगी. कुकरैल वन क्षेत्र में बनने वाली यह देश की पहली शहरी नाइट सफारी होगी. इसके शुरू होने के बाद लखनऊ दुनिया का पांचवां शहर बन जाएगा, जहां नाइट सफारी की सुविधा उपलब्ध होगी. वर्तमान में सिंगापुर, थाईलैंड, चीन और इंडोनेशिया में ऐसी नाइट सफारी संचालित हैं.
लखनऊ चिड़ियाघर का स्थानांतरण नहीं होगा
परियोजना की समीक्षा के दौरान केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने लखनऊ चिड़ियाघर को कुकरैल स्थानांतरित करने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी. समिति ने वन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए जंगल से गुजरने वाली सड़क को चार लेन के बजाय दो लेन तक सीमित रखने की भी सिफारिश की है.
एडवेंचर जोन के कई प्रस्ताव हटाए गए
परियोजना के शुरुआती खाके में ट्राम सेवा, रात में जंगल भ्रमण, विभिन्न एडवेंचर गतिविधियां और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) आधारित थिएटर जैसी सुविधाएं शामिल थीं. हालांकि पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इन प्रस्तावों को फिलहाल योजना से बाहर कर दिया गया है.
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकार परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया तेज करेगी. माना जा रहा है कि देश की पहली नाइट सफारी बनने से लखनऊ को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और प्रदेश के पर्यटन उद्योग को भी बड़ा लाभ मिलेगा.
Input- Ravi Ranjan Kumar
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