UP News: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में अपनी ही बेटी और बहू के साथ दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पिता को उसकी अंतिम सांस तक कारावास में रखने का आदेश दिया है. अदालत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 80 प्रतिशत राशि दोनों पीड़िताओं को बराबर-बराबर देने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, साक्ष्यों के अभाव में आरोपी के बेटे को बरी कर दिया गया.
परिवार के घर छोड़ने के बाद खुला मामला
मामला थाना दक्षिण क्षेत्र का है. शुरुआत में आरोपी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी, बेटा, बहू और नाबालिग बेटी घर से लापता हो गए हैं. जांच के दौरान पुलिस ने पूरे परिवार को अलीगढ़ में तलाश लिया. पूछताछ में आरोपी की पत्नी ने बताया कि वह पिछले करीब छह महीने से अपनी बेटी और बहू के साथ जबरन दुष्कर्म कर रहा था. विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता था. प्रताड़ना से तंग आकर पूरा परिवार घर छोड़कर अलीगढ़ चला गया था.
पीड़िताओं के बयान को माना अहम साक्ष्य
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट-1) की अदालत में हुई. बचाव पक्ष ने मेडिकल परीक्षण न होने का तर्क दिया, लेकिन अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि यदि पीड़िता का बयान ठोस, विश्वसनीय और अकाट्य हो तो केवल उसी के आधार पर भी दोषसिद्धि की जा सकती है. अदालत ने दोनों पीड़िताओं और अन्य गवाहों के बयानों को भरोसेमंद माना.
दोषी को उम्रकैद, बेटे को मिली राहत
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने आरोपी राम स्वरूप गोस्वामी को दोषी करार देते हुए उसकी प्राकृतिक जीवन अवधि तक कारावास की सजा सुनाई. साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. वहीं, आरोपी के बेटे के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर अदालत ने उसे दोषमुक्त कर बरी कर दिया.
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