UP News: इटावा में वर्ष 2008-09 के चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) ने 17 साल बाद कार्रवाई करते हुए फर्जी विद्यालय के प्रबंधक लाल सिंह को गिरफ्तार किया है. EOW के हत्थे चढ़े आरोपी पर अस्तित्वहीन विद्यालय के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर करीब एक करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति का गबन करने का आरोप है. गिरफ्तारी 20 जुलाई 2026 को इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके से की गई.
17 साल पुराने घोटाले में गिरफ्तारी
EOW की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह मामला थाना सिविल लाइन, इटावा में वर्ष 2009 में दर्ज मुकदमा संख्या 673/2009 से जुड़ा है. शासन के आदेश पर इसकी विवेचना EOW के कानपुर सेक्टर को सौंपी गई थी. वर्ष 2008-09 के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच लंबे समय से जारी थी. जांच में आरोपी लाल सिंह पुत्र दुलारे सिंह की भूमिका सामने आने के बाद उसे 20 जुलाई 2026 की शाम करीब 7:10 बजे फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया.
फर्जी विद्यालय दिखाकर हड़पी थी छात्रवृत्ति
जांच में सामने आया कि लाल सिंह, संत बीडीएसएम पब्लिक स्कूल, माणिकपुर मोड़, इटावा का प्रबंधक था. आरोप है कि उसने अस्तित्वहीन विद्यालय दिखाकर फर्जी मांग पत्र और दस्तावेज तैयार किए तथा छात्र-छात्राओं के नाम पर छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त कर उसका गबन किया. EOW ने आरोपी लाल सिंह को करीब एक करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति गबन मामले में गिरफ्तार किया है.
27 फर्जी विद्यालयों के जरिए करोड़ों का खेल
वर्ष 2008-09 में इटावा जिले में कक्षा 1 से 5 तक के अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं की फर्जी संख्या दिखाकर 27 अस्तित्वहीन विद्यालयों के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि निकाली गई थी. जांच एजेंसी के अनुसार, 27 फर्जी विद्यालयों के जरिए करोड़ों रुपये का गबन किया गया. इस पूरे प्रकरण में वित्तीय अनियमितताओं की जांच अभी भी जारी है तथा अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
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