UP News: बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बड़ा बदलाव किया है. अब नए बिजली बिलों में उपभोक्ता का नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी पूरी तरह नहीं दिखाई जाएगी. इन जानकारियों की जगह 'X' प्रिंट किया जा रहा है. इस बदलाव के बाद बिजली बिल को नाम और पते के वैध प्रमाण (एड्रेस प्रूफ) के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
सुरक्षा और गोपनीयता के लिए लिया गया फैसला
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं की निजी जानकारी सुरक्षित रखने और गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है. हालांकि जरूरत पड़ने पर विभाग से बिल की पूरी कॉपी ली जा सकती है, जिसमें नाम और पता दर्ज रहेगा.
किराएदारों और नए लोगों की बढ़ी परेशानी
अब तक बैंक खाता खुलवाने, नया गैस कनेक्शन लेने और कई सरकारी व निजी कामों में बिजली बिल एड्रेस प्रूफ के रूप में स्वीकार किया जाता था. लेकिन नए नियम के बाद खासकर किराएदारों और नए पते पर रहने वाले लोगों को पहचान और पते के सत्यापन में दिक्कत आ सकती है. इस बदलाव को लेकर कई उपभोक्ताओं ने भी चिंता जताई है.
शिकायतों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मध्यांचल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक संदीप भागिया ने कहा कि बिजली बिल, खराब मीटर, नए कनेक्शन और बिजली चोरी से जुड़ी शिकायतें टोल फ्री नंबर 1912 पर दर्ज कराने के बाद उनका समय पर निस्तारण करना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी. यदि किसी शिकायत का फर्जी तरीके से निस्तारण दिखाया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जनप्रतिनिधियों की लंबित शिकायतों की भी जांच कराई जा रही है.
हर महीने लगेगा समाधान शिविर
उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए मध्यांचल निगम मुख्यालय में हर महीने विशेष शिविर लगाया जाएगा. यहां नए बिजली कनेक्शन, गलत बिल में सुधार, लोड बढ़ाने और खराब मीटर बदलने जैसी समस्याओं का समाधान किया जाएगा. इसके अलावा अमौसी जोन के मोहनलालगंज और मलिहाबाद में नए कार्यालय खोलने पर भी विचार किया जा रहा है.
बिजली चोरी रोकने के लिए चलेगा अभियान
बिजली चोरी रोकने के लिए लेसा और विजिलेंस की संयुक्त टीम संवेदनशील इलाकों में अभियान चलाएगी. होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल, नर्सिंग होम और उद्योगों की भी जांच होगी. वहीं कटिया लगाकर ई-रिक्शा चार्ज करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
Also Read: निर्मोही अखाड़ा फिर SC में: ट्रस्ट पुनर्गठन की मांग
