शांति पाठ के दिन दरवाजे पर खड़ा मिला "मुर्दा पति", 21 जुलाई को रीति-रिवाज के साथ हुआ था अंतिम संस्कार

UP News: उत्तर प्रदेश के औरैया में एक अविश्वसनीय घटना हुई, जहाँ एक परिवार ने अपने 'मृत' बेटे का अंतिम संस्कार किया. शांति पाठ के बीच, वह बेटा अचानक जिंदा घर लौट आया, जिससे सभी दंग रह गए.

UP News: औरैया के अजीतमल में अज्ञात शव को कमल सिंह समझकर परिजनों ने पूरे रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया. घर में शांति पाठ चल ही रहा था कि तभी कमल सिंह खुद जिंदा वापस लौट आया. इस चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद परिवार, गांव और पुलिस सभी हैरान रह गए. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था?

शांति पाठ के बीच घर लौटा 'मृत' पति, परिवार रह गया दंग

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर अड्डा गांव में जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार हो चुका था, वह शांति पाठ के दिन अचानक जिंदा घर पहुंच गया. कमल सिंह रैदास को सामने देखकर परिवार और गांव के लोगों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ.

अज्ञात शव को समझ लिया था कमल सिंह, कर दिया अंतिम संस्कार

जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को नेशनल हाईवे किनारे एक अज्ञात शव मिला था. 20 जुलाई को कमल सिंह के बड़े भाई दशरथ सिंह ने शव की पहचान अपने छोटे भाई के रूप में की. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और 21 जुलाई को पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार भी कर दिया गया.

पत्नी को था भरोसा, ग्वालियर में जिंदा मिला पति

कमल सिंह करीब डेढ़ साल पहले रोज़गार की तलाश में घर छोड़कर चला गया था. पहले पंजाब में नौकरी की, फिर ट्रक हेल्पर बना और बाद में ग्वालियर में प्लंबर का काम करने लगा. इस बीच उसकी पत्नी सुनीता को विश्वास था कि उसका पति जिंदा है. उसने उस मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, जिससे कमल बात करता था. फोन पर बातचीत होने के बाद सुनीता ने उसे तुरंत गांव लौटने के लिए कहा.

शांति पाठ के दिन सामने आया कमल, गांव में मच गई हलचल

कमल सिंह जब गांव पहुंचा, तब घर में उसके नाम का शांति पाठ चल रहा था. जैसे ही वह दरवाजे पर पहुंचा, परिवार के लोग उसे देखकर स्तब्ध रह गए. जिस व्यक्ति को मृत मानकर अंतिम संस्कार किया जा चुका था, वह जिंदा सामने खड़ा था. देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर फैल गई और लोगों की भीड़ घर पर जुट गई.

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल, आखिर किसका हुआ अंतिम संस्कार?

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि 18 जुलाई को मिले अज्ञात शव की पहचान परिजनों ने कमल सिंह के रूप में की थी. लेकिन 25 जुलाई को पत्नी ने पुलिस को सूचना दी कि कमल जिंदा है. इसके बाद पुलिस ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है.

पुलिस असली शव की पहचान में जुटी

अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार कमल सिंह समझकर किया गया, वह आखिर किस व्यक्ति का था. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और शव की वास्तविक पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है.

Also Read: प्रेमी संग भागी बहन को भाई ने दी मौत की सजा, हत्या के बाद गंगा किनारे किया पिंडदान


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रवि रंजन कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >