ना भर्ती, ना बीमारी... फिर भी बनता रहा बिल! UP में आयुष्मान घोटाला करने वाले 318 अस्पतालों पर गिरी गाज

UP News: उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. डेटा एनालिटिक्स के जरिए 318 अस्पतालों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की गई है. इन अस्पतालों पर मरीजों के इलाज में लापरवाही और गलत बिल बनाने का आरोप है.

UP News: उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज में गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई हो रही है. स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट ने डाटा एनालिटिक्स के जरिए फर्जीवाड़े के कई मामले पकड़े हैं. अब तक प्रदेश में कुल 866 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है.

648 अस्पतालों का डी-इम्पैनलमेंट

गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों में सबसे ज्यादा 648 अस्पतालों का योजना से डी-इम्पैनलमेंट किया गया है. वहीं 61 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से निलंबित किया गया है. 17 अस्पतालों की विशेषता का डी-इम्पैनलमेंट किया गया है. इसके अलावा 140 अस्पतालों पर पेनाल्टी लगाई गई है और इन पर कुल 8,53,26,352 रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसमें से 4,37,00,841 रुपये की वसूली हो चुकी है.

ओपीडी मरीज को दिखाया भर्ती, बार-बार इलाज के भी मामले

स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट ने डाटा एनालिटिक्स के आधार पर अस्पतालों में कई तरह की अनियमितताएं चिन्हित की हैं. इनमें मरीजों के इलाज में लापरवाही, निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करना, एक ही मरीज को बार-बार भर्ती दिखाना और एक जैसी रिपोर्ट भेजना शामिल है. इसके अलावा ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीज को भर्ती दिखाने के मामले भी सामने आए हैं.

2026 में 318 अस्पतालों पर एक्शन

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक लापरवाही और मानकों का पालन नहीं करने पर 318 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इनमें 242 अस्पतालों का भारत सरकार के 35 इंडीकेटर पूरे नहीं करने पर डी-इम्पैनलमेंट किया गया. 61 अस्पतालों को निलंबित किया गया, जबकि 15 अस्पतालों की स्पेशियलिटी का डी-इम्पैनलमेंट किया गया है. इससे पहले वर्ष 2025 में 16 अस्पतालों पर कार्रवाई हुई थी, जिनमें 14 का डी-इम्पैनलमेंट और दो अस्पतालों की स्पेशियलिटी का डी-इम्पैनलमेंट शामिल था.

मानक नहीं सुधरे तो निलंबन की कार्रवाई

साचीज की सीईओ ने बताया कि दो वित्तीय वर्षों में 140 अस्पतालों पर पेनाल्टी लगाई गई है. इन अस्पतालों से जुर्माने की राशि की वसूली भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि पेनाल्टी लगाए जाने के बाद भी यदि अस्पताल निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी. स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट द्वारा चिन्हित अस्पतालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

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By खुशबू कुमारी

खुशबू कुमारी पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज, से मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया है तथा वर्तमान में इग्नू से मास्टर ऑफ आर्ट्स (मास कम्युनिकेशन एंड डिजिटल मीडिया) की पढ़ाई कर रही हैं. उन्हें जनहित से जुड़ी खबरों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइन में विशेष रुचि है. वे राजनीति, शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों, अपराध और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर शोधपरक, तथ्यपरक और पाठकों के लिए उपयोगी डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं. उनका उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय, स्पष्ट और प्रभावी जानकारी पहुंचाना है, ताकि समाचार केवल सूचना का माध्यम न होकर समाज के लिए उपयोगी साबित हों.

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