UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन Cy-Vajra' के तहत बिजनौर पुलिस ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) बुकिंग के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोपियों ने सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर के लोगों को निशाना बनाया और लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया. इस मामले में नूरपुर पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप (चार्जर सहित) और 12,300 रुपये नकद बरामद किए हैं.
15 राज्यों से मिली थीं साइबर ठगी की शिकायतें
पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दिल्ली, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर सहित देश के 15 राज्यों से कुल 29 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई थीं. शिकायतों के विश्लेषण के दौरान सामने आया कि साइबर अपराधियों ने परिवहन विभाग की आधिकारिक HSRP वेबसाइट की हूबहू नकल कर bookkhsrplate.com और bookmyhsrp.com जैसी फर्जी वेबसाइटें तैयार कर रखी थीं. इन वेबसाइटों के जरिए लोगों से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था और रकम ठग ली जाती थी.
मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना नूरपुर में 8 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. इसके बाद 9 जुलाई को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
AI और ChatGPT की मदद से तैयार की गई फर्जी वेबसाइट
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह के मुख्य संचालकों में तुषार शर्मा और अरशद शामिल थे. आरोपियों ने GoDaddy के माध्यम से डोमेन और होस्टिंग खरीदी तथा AI आधारित तकनीकी संसाधनों, जिनमें ChatGPT सहित अन्य ऑनलाइन टूल्स भी शामिल थे, की सहायता से ऐसी वेबसाइटें विकसित कीं, जो देखने में बिल्कुल सरकारी पोर्टल जैसी लगती थीं. इसी वजह से लोग आसानी से झांसे में आ जाते थे और ऑनलाइन भुगतान कर देते थे.
बैंक खातों में ट्रांसफर होती थी ठगी की रकम
जांच में यह भी सामने आया कि वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त होने वाली रकम मोहित कुमार, अनस, प्रशांत कुमार और मोहम्मद फैजान के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी. इसके बाद धनराशि आपस में बांट ली जाती थी और बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगों को कमीशन दिया जाता था. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य बैंक खातों और संभावित आरोपियों की भी जांच कर रही है.
सात आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और लैपटॉप बरामद
गिरफ्तार आरोपियों में नूरपुर निवासी अनस, फैजपुर निवासी तुषार शर्मा, स्योहारा निवासी प्रशांत कुमार, फैजपुर निवासी मोहम्मद फैजान, मुरादाबाद के कांठ निवासी मोहित कुमार, इस्लामनगर निवासी अरशद तथा रेहान शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप (चार्जर सहित) और 12,300 रुपये नकद बरामद किए हैं.
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी तुषार शर्मा के खिलाफ पहले से मारपीट, धमकी, अपहरण और पॉक्सो एक्ट से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं. अब उसके खिलाफ साइबर ठगी का यह नया मामला भी दर्ज किया गया है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.
- लक्की कुमारी की रिपोर्ट
