बरेली से 58 साइबर ठग गिरफ्तार, 1.67 करोड़ की ठगी का राजफाश, ऑपरेशन 'साईं-वज्र' में बड़ा खुलासा

UP News: बरेली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई में 1.67 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, जिसमें 26.49 लाख नकद, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं. ऑपरेशन 'साईं-वज्र' के तहत यह बड़ी सफलता मिली है.

UP News: बरेली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के छठे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 26.49 लाख रुपये नकद, 69 मोबाइल फोन, 21 एटीएम कार्ड और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर 150 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं. शुरुआती जांच में इनके द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में करीब 1.67 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने की पुष्टि हुई है.

झारखंड गिरोह का भंडाफोड़, 31 चोरी के मोबाइल बरामद

साइबर थाना पुलिस ने झारखंड से जुड़े चार सदस्यीय गिरोह का भी पर्दाफाश किया है. जांच में सामने आया कि गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों से मोबाइल चोरी कर उनका डेटा झारखंड में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाता था. पुलिस ने इस कार्रवाई में 31 चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अश्वनी कुमार महतो, गोविंद कुमार महतो, बादल महतो और बरेली निवासी राहुल मिश्रा के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि राहुल स्थानीय स्तर पर गिरोह की मदद करता था और मोबाइल चोरी कराने के बदले प्रतिदिन 5 हजार रुपये लेता था.

डर और लालच देकर खातों में मंगवाते थे रुपये

थाना किला पुलिस ने शिवांग और ओम अग्रवाल को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी लोगों को कभी डर दिखाकर तो कभी मोटे मुनाफे का झांसा देकर उनके बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाते थे. इनके कब्जे से 26.49 लाख रुपये नकद, डेबिट कार्ड, चेकबुक और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं. एनसीआरपी पोर्टल पर इनके खिलाफ तीन से अधिक शिकायतें दर्ज मिली हैं.

प्रेमनगर पुलिस ने छह सदस्यीय गिरोह दबोचा

थाना प्रेमनगर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले छह सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान अंकुर अग्रवाल, फजल, तंजीम, मोहम्मद फराज और अब्दुल रज्जाक के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को अधिक मुनाफे का लालच या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर बैंक खातों में पैसे मंगवाता था. इनके पास से चार मोबाइल फोन और तीन बैंक पासबुक बरामद हुई हैं.

कई थाना क्षेत्रों में एक साथ चला अभियान

ऑपरेशन के दौरान थाना किला, कैंट, आंवला, देवरनियां, सुभाषनगर, बहेड़ी, शाही, अलीगंज, सीबीगंज, कोतवाली और क्योलड़िया समेत कई थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की गई. पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए हैं.

23 थानों में 41 मुकदमे दर्ज

पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन 'साईं-वज्र' के तहत अब तक जिले के 23 थानों में 41 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं. अभियान के दौरान कुल 58 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, कर्नाटक समेत कई राज्यों में करीब 1.67 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में शामिल रहा है. पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.

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Published by: Komal Agarwal

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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