UP News: उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों के लिए किराए के मकान की परेशानी कम करने की दिशा में योगी सरकार नई पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत शहरी इलाकों में बुजुर्गों को कम किराए पर घर उपलब्ध कराने की योजना है. पॉलिसी का खाका तैयार करने के लिए सरकार ने 9 सदस्यों की टीम भी गठित कर दी है.
लखनऊ समेत इन शहरों के अधिकारी टीम में शामिल
इस पॉलिसी को तैयार करने की जिम्मेदारी सचिव आवास की अध्यक्षता वाली टीम को दी गई है. टीम में लखनऊ, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर और वाराणसी के अधिकारी शामिल किए गए हैं. विशेष सचिव आवास राजेश राय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है. टीम में इन पांच शहरों के उपाध्यक्षों को भी शामिल किया गया है. अब यह टीम पूरी पॉलिसी का खाका तैयार करके सरकार के सामने अपनी सिफारिशें रखेगी.
बुजुर्गों को कम किराए पर मिलेगा मकान
प्रस्तावित स्पेशल रेंटल हाउसिंग पॉलिसी का मुख्य फोकस बुजुर्गों को सस्ते किराए पर घर उपलब्ध कराना है. सरकार का मकसद है कि उम्र बढ़ने के बाद किसी बुजुर्ग को रहने के लिए घर की तलाश में इधर-उधर भटकना न पड़े. इसके साथ ही ऐसे आवासीय मॉडल में बुजुर्गों की सुरक्षा और बेहतर जीवन को भी प्राथमिकता देने की तैयारी है.
शहरों में तैयार होगा खास आवासीय मॉडल
सरकार प्रदेश के अलग-अलग शहरों में बुजुर्गों के लिए विशेष आवासीय योजना विकसित करने की तैयारी में है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं किया गया है कि यह मॉडल किन शहरों में और किस स्तर पर लागू होगा. प्रस्तावित पॉलिसी में बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच, सार्वजनिक परिवहन और सीनियर सिटीजन के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया जाएगा.
किराए के घर के साथ इन सुविधाओं पर भी जोर
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ कम किराए पर मकान देना नहीं है, बल्कि बुजुर्गों के लिए ऐसा माहौल तैयार करना भी है, जहां उन्हें रोजमर्रा की जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल सकें. स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, आने-जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सुरक्षित आवासीय माहौल को पॉलिसी में अहम हिस्सा बनाया जा सकता है.
बुजुर्गों के लिए पहले से चल रही हैं ये योजनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार बुजुर्गों को आर्थिक और दूसरी सुविधाएं देने के लिए पहले से भी कई योजनाएं चला रही है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन योजना शामिल है. इसके तहत पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. इसके अलावा लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है.
अब नई रेंटल हाउसिंग पॉलिसी पर नजर
फिलहाल नई पॉलिसी को लेकर टीम को रिपोर्ट और सिफारिशें तैयार करनी हैं. इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी. अगर प्रस्ताव लागू होता है तो शहरी इलाकों में बुजुर्गों को कम किराए में सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक नई पहल होगी.
