UP News: उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से दिव्यांग कल्याण एवं वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की तैयारी है.
जरूरतमंदों तक पहुंचेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ उनकी जरूरत के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसके लिए दिव्यांगजनों की पहचान, आवश्यकतानुसार उपकरणों का चयन और वितरण की प्रक्रिया को शिविर के माध्यम से आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार की योजना के तहत दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, ब्लाइंड स्टिक, हियरिंग एड समेत विभिन्न सहायक उपकरणों का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है.
मंडल मुख्यालयों पर बनेंगे पुनर्वास केंद्र
दिव्यांगजनों को एक ही जगह पर पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के प्रत्येक मंडल मुख्यालय पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) स्थापित करने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है. सरकार के अनुसार इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगजनों का सर्वेक्षण और चिन्हांकन, शिविरों का आयोजन, सहायक उपकरणों की मरम्मत और कृत्रिम अंग एवं उपकरणों के लिए फिटमेंट जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
प्रमाणपत्र और UDID कार्ड में भी मिलेगी मदद
पुनर्वास केंद्रों के जरिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र और UDID कार्ड बनवाने में सहायता देने की भी व्यवस्था प्रस्तावित है. इसके साथ ही जरूरत के अनुसार फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, काउंसलिंग और अन्य नैदानिक सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.
सरकार का फोकस अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पर
सरकार का जोर दिव्यांगजनों को सिर्फ उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से दिलाने पर भी है. चरणबद्ध शिविरों और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से सरकारी सेवाओं को जरूरतमंदों के करीब पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
