UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. चुनाव में करीब 10 महीने का समय बचा है और सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. समाजवादी पार्टी (सपा) इस बार भाजपा के 10 साल के शासन की तुलना अपने 2012 से 2017 के पांच साल के कार्यकाल से करते हुए चुनावी अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. पार्टी का फोकस खासकर पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग पर रहेगा.
10 साल बनाम 5 साल' के मुद्दे पर भाजपा को घेरेगी सपा
सपा नेतृत्व की रणनीति भाजपा सरकार के पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल को अपने पांच साल के शासन से तुलना कर जनता के बीच ले जाने की है. पार्टी का दावा है कि उसके कार्यकाल में युवाओं, किसानों और कर्मचारियों के लिए कई योजनाएं चलाई गई थीं, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में कई मुद्दों पर जनता परेशान रही.
राम मंदिर चंदा चोरी का मामला भी बनेगा चुनावी मुद्दा
समाजवादी पार्टी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा और चंदा चोरी से जुड़े विवाद को भी चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है. पार्टी की योजना है कि अवध और पूर्वांचल के क्षेत्रों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए. सपा का मानना है कि मंदिर निर्माण के लिए लोगों ने घर-घर से सहयोग दिया था, इसलिए इस मामले को जनता के बीच ले जाना राजनीतिक रूप से अहम होगा.
एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई पर भी साधेगी निशाना
सपा कथित फर्जी एनकाउंटर और बेगुनाहों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई के मामलों को भी चुनावी अभियान का हिस्सा बनाएगी. पार्टी इन मुद्दों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की तैयारी में है. इसके लिए पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं.
'पीडीए वर्ग पर अत्याचार' नामक पुस्तक के जरिए चलेगा अभियान
दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग को साधने के लिए समाजवादी पार्टी 'पीडीए वर्ग पर अत्याचार' नामक पुस्तक का प्रदेशभर में वितरण करेगी. पार्टी का दावा है कि भाजपा सरकार के दौरान पीडीए वर्ग के लोगों के साथ अन्याय हुआ है. इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाएगी सपा
चुनावी प्रचार के दौरान सपा अपने 2012-2017 के कार्यकाल की योजनाओं को भी प्रमुखता से उठाएगी। पार्टी लैपटॉप वितरण, बेरोजगारी भत्ता, सरकारी नौकरियों में भर्ती, शिक्षामित्रों को विशेष बीटीसी के माध्यम से शिक्षक बनाने जैसी योजनाओं का उल्लेख करेगी. इसके साथ ही भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को भी जनता के सामने रखेगी.
भाजपा का पलटवार, योगी सरकार के विकास कार्य गिनाए
समाजवादी पार्टी की रणनीति पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा और बसपा सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझा रहा. उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश को माफिया मुक्त बनाया, निवेश बढ़ाया, रोजगार के अवसर पैदा किए और विकास को नई गति दी है. भाजपा का कहना है कि जनता विकास और सुशासन के आधार पर एक बार फिर योगी सरकार पर भरोसा जताएगी.
Input: रवि रंजन कुमार
यह भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में 100 से अधिक कर्मियों पर गाज की तैयारी, ट्रस्ट ने शुरू की छंटनी की कवायद
