SSB जवान अभिषेक यादव की अंतिम विदाई में उमड़ा बमरौली अहीर गांव, तिरंगे में लौटा वीर सपूत,भाई सुमित ने दी मुखाग्नि

UP News: सशस्त्र सीमा बल के जवान अभिषेक यादव के पार्थिव शरीर को सोमवार को उनके पैतृक गांव लाया गया. अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीणों ने शहीद स्मारक और मार्गों के नामकरण की मांग रखी, जिस पर अधिकारियों से लंबी बातचीत चली.

UP News: सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान अभिषेक यादव का पार्थिव शरीर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे आगरा के बमरौली अहीर गांव पहुंचा. सुपौल, बिहार स्थित ट्रेनिंग सेंटर से उपनिरीक्षक केवल सिंह के नेतृत्व में एसएसबी के जवान पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे. वीर जवान के सम्मान में युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाली और पूरे रास्ते भारत माता के जयकारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी.

अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीणों ने रखीं मांगें

अभिषेक यादव की अंत्येष्टि के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग जुटे थे. अंतिम संस्कार से पहले ग्रामीणों ने गांव में अभिषेक यादव की याद में शहीद स्मारक बनाने और इसके लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी. इसके साथ ही रोहता-बमरौली अहीर समेत प्रमुख मार्गों का नामकरण अभिषेक यादव के नाम पर करने की मांग भी उठी.

तीन घंटे तक चली अधिकारियों से बातचीत

मांगों को लेकर ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक अंतिम संस्कार रोक दिया. सूचना मिलने पर तहसील सदर के उप जिलाधिकारी विक्रम सिंह राघव, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार और नायब तहसीलदार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. इस दौरान कुछ ग्रामीणों की प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कहासुनी भी हुई.

श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण पर बनी सहमति

लंबी बातचीत के बाद ब्लॉक प्रमुख बिचपुरी के पति सोनू दिवाकर ने संपूर्ण श्मशान घाट का सौंदर्यीकरण कराने की बात कही. इसके बाद गांव के बुजुर्गों ने ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद अंतिम संस्कार के लिए सहमति बनी. इस दौरान गांव में अभिषेक यादव को लेकर लोगों में गहरा भावनात्मक माहौल देखने को मिला.

20 जवानों ने दी वीर सपूत को अंतिम सलामी

लखनऊ और सुपौल से एसएसबी के करीब 20 जवान भी अभिषेक यादव को अंतिम सलामी देने पहुंचे. मातमी धुन के बीच एसएसबी जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ वीर जवान को श्रद्धांजलि दी. अंतिम विदाई में हजारों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए. पूरा इलाका ‘अभिषेक यादव अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा.

छोटे भाई सुमित ने दी मुखाग्नि

अभिषेक यादव की बिहार के सुपौल में ट्रेनिंग के दौरान शनिवार को मौत हो गई थी. सोमवार शाम करीब 6:30 बजे उनके छोटे भाई सुमित यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस भावुक पल के दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, अभिषेक तेरा नाम रहेगा’ के नारों के बीच गांव ने अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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