प्रयागराज सावन माह में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त तक प्रयागराज में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है. प्रयागराज-वाराणसी हाईवे की बाईं लेन को वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा, जबकि आवागमन केवल दाहिनी लेन से होगा. इसके अलावा शास्त्री पुल पर रोडवेज बसों और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी.
भारी वाहनों और व्यावसायिक गाड़ियों के लिए बदला गया मुख्य मार्ग
यातायात पुलिस के अनुसार कानपुर, कौशांबी, लखनऊ और प्रतापगढ़ की ओर से वाराणसी जाने वाले भारी व्यावसायिक वाहनों को अलग-अलग डायवर्जन रूटों से भेजा जाएगा. कानपुर से आने वाले वाहन रायबरेली, प्रतापगढ़ और जौनपुर होकर वाराणसी पहुंचेंगे. वहीं रीवा की तरफ से आने वाले वाहनों को मनगवां और हनुमना के रास्ते डायवर्ट किया गया है. शहर में माल लोड और अनलोड करने वाली गाड़ियां कोखराज बाईपास से पूरामुफ्ती और धूमनगंज मार्ग होकर प्रवेश करेंगी ताकि शहर के भीतर जाम न लगे.
लंबे रास्तों से चलेंगी बसें, यात्रियों को देना होगा अधिक किराया
रूट डायवर्जन के कारण वाराणसी की तरफ से आने वाली रोडवेज बसें हंडिया, सहसों और फाफामऊ के रास्ते प्रयागराज शहर में प्रवेश करेंगी. लंबी दूरी तय करने की वजह से यूपी रोडवेज की बसों का किराया बढ़ जाएगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भले ही किराया बढ़ रहा है, लेकिन यात्रियों की सुविधा के लिए बसों के संचालन और फेरों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. सावन के पहले सोमवार के लिए 1 से 4 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक नियम प्रभावी रहेंगे.
अंतर्राज्यीय समन्वय और पहले सोमवार के लिए विशेष इंतजाम
कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए प्रयागराज पुलिस वाराणसी, मिर्जापुर और जौनपुर समेत पड़ोसी जिलों के प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है. सावन के पहले सोमवार को उमड़ने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर 1 अगस्त की रात 10 बजे से 4 अगस्त की रात 10 बजे तक सख्त डायवर्जन लागू रहेगा. इस दौरान प्रमुख चौराहों पर पुलिस सहायता बूथ बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य और वैकल्पिक मार्गों की सटीक जानकारी दी जाएगी.
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