UP News: मध्य प्रदेश और रेणुका पार क्षेत्र में रातभर हुई भारी बारिश के कारण सोनभद्र के जुगैल स्थित बिजुल नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है. नदी का पानी किनारे बने छलके के बेहद करीब पहुंच गया है और तेज बहाव जारी है. इसके बावजूद, स्थानीय ग्रामीण रोजमर्रा के जरूरी कामों के लिए जान जोखिम में डालकर लकड़ी के सहारे उफनती नदी को पार कर रहे हैं. ग्रामीणों की इस लापरवाही से क्षेत्र में किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है.
दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, ग्रामीणों ने लगाई मदद की गुहार
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी का तेज बहाव और छलके पर फिसलन दुर्घटना का मुख्य कारण बन सकती है. वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण इस खतरनाक रास्ते का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं. परसोई में बिजुल नदी पर बने पुल के ऊपर पानी बहने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला मार्ग बाधित हो गया है. इसके चलते दर्जनों गांवों का संपर्क टूट चुका है. ग्रामीणों ने प्रशासन से बैरिकेडिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है.
प्रशासनिक अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था
पहाड़ी नदी-नालों के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक गहरा गया है. ओबरा से बेलगड़ी होते हुए अंतरराज्यीय सीमा पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. स्थानीय प्रशासन ने उफनती नदियों के आसपास जाने पर पाबंदी लगाने और मुनादी कराने का आश्वासन दिया है. हालांकि, धरातल पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और पुलिस बल की तैनाती न होने से नाराज ग्रामीणों ने जलभराव की इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है.
