सोनम वांगचुक के समर्थन में निकाला मार्च, VIDEO वायरल होते ही बहराइच का जूनियर डॉक्टर सस्पेंड

UP News: बहराइच के महाराजा सुहेल देव सरकारी मेडिकल कॉलेज के एक जूनियर डॉक्टर को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में पैदल मार्च निकालना महंगा पड़ गया. वीडियो वायरल होने के बाद कॉलेज प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है.

UP News: बहराइच में तैनात एक जूनियर डॉक्टर को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अकेले पैदल मार्च निकालना भारी पड़ गया. मार्च का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई है.

उत्तर प्रदेश के बहराइच स्थित महाराजा सुहेल देव सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है. डॉक्टर ने कुछ दिन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शहर की सड़कों पर अकेले पैदल मार्च निकाला था. इस मार्च का वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक जांच समिति का गठन किया गया है.

अकेले पैदल मार्च निकालकर जताया समर्थन

जानकारी के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार की है. महाराष्ट्र के अमरावती निवासी और बहराइच मेडिकल कॉलेज में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. रूपक इखेने शहर में अकेले पैदल मार्च निकाला. उन्होंने सोनम वांगचुक के समर्थन में संदेश लिखी हुई टी-शर्ट पहन रखी थी और हाथ में एक प्लेकार्ड लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने की कोशिश की. उनका मार्च दिगिहा तिराहे से शुरू होकर जिला मजिस्ट्रेट आवास तक पहुंचा.

वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया प्रशासन

मार्च के दौरान बनाया गया वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में डॉ. रूपक इखे यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि वह सोनम वांगचुक के अभियान का समर्थन करते हैं और इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं. वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और नियमों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी.

डॉक्टर को किया गया सस्पेंड

महाराजा सुहेल देव सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय खत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए डॉक्टर को निलंबित करने के आदेश जारी किए. प्रशासन का कहना है कि सरकारी सेवा के नियमों के तहत मामले की जांच की जाएगी और जांच पूरी होने तक डॉक्टर निलंबित रहेंगे.

तीन सदस्यीय जांच समिति करेगी पड़ताल

कॉलेज प्रशासन ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है. यह समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल डॉक्टर के निलंबन के साथ मामले की जांच जारी है.

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Published by: Lucky Kumari

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