मेरठ में सील होंगे 16,726 घर और दुकान, 50 से ज्यादा पर चलेगा बुलडोजर

सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख से मेरठ में अवैध निर्माणों पर हड़कंप मच गया है. 44 सील भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है, चाहे वे कितने भी पुराने क्यों न हों.

Meerut Bulldozer Action: मेरठ में अवैध निर्माणों पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर से हड़कंप मच गया है. शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट से शुरू हुई सीलिंग और ध्वस्तीकरण की आंच अब पूरे शहर को अपनी ज़द में लेने वाली है. शीर्ष अदालत ने साफ संदेश दे दिया है कि निर्माण चाहे 25 साल पुराना हो या 50 साल, अवैध है तो उस पर बुलडोजर चलना तय है.

जोन ए में 16,726 अवैध भवनों की रिपोर्ट

मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की ओर से सुनवाई के दौरान जोन ए की सर्वे रिपोर्ट पेश की गई. रिपोर्ट में शहर के जोन ए में कुल 16,726 भवनों के अनधिकृत होने की बात सामने आई. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने इन सभी निर्माणों को सील करने के आदेश दिए हैं. वहीं, जोन बी, सी और डी की रिपोर्ट दाखिल नहीं किए जाने पर अदालत ने मेडा सचिव अमित गुप्ता पर नाराजगी जताई.

44 सील भवनों को ध्वस्त करने का आदेश

अदालत को बताया गया कि जोन ए में 44 आवासीय भवनों में व्यावसायिक निर्माण का मामला सामने आया है. इनमें छह भवन ऐसे थे, जिन्हें बिना नक्शे के बनाया गया था और उन्हें पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है. वहीं, 38 संपत्तियों के पास आवासीय स्वीकृति है, लेकिन उनमें अतिरिक्त निर्माण कर व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी 44 सील भवनों को ध्वस्त कर नई सिरे से रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.

14 जुलाई के आदेश का पालन करने का निर्देश

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से बताया गया कि सील किए गए अवैध निर्माणों पर पूरी तरह कार्रवाई नहीं हुई है. इस पर खंडपीठ ने 44 सील भवनों को ध्वस्त करने के साथ ही पहले 14 जुलाई को दिए गए आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही मामले में अगली कार्रवाई के लिए 9 दिसंबर की तारीख तय करते हुए तब तक अनुपालन आख्या दाखिल करने को कहा गया. आवास एवं विकास परिषद के अधिवक्ता की ओर से भी 44 सील भवनों के संबंध में अनुपालन आख्या दाखिल की गई है.

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By कोमल अग्रवाल

कोमल अग्रवाल पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. वे डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और विभिन्न विषयों पर समाचार एवं लेख लिखती हैं. इससे पहले उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में इंटर्नशिप एवं कार्य अनुभव प्राप्त किया है, जहां उन्होंने रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में काम किया. उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से जनसंचार एवं पत्रकारिता की पढ़ाई की है. कोमल तथ्यपरक, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित पत्रकारिता में विश्वास रखती हैं तथा सरल, सटीक और प्रभावी समाचार लेखन को प्राथमिकता देती हैं.

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