सावन 2025 में बन रहे हैं ऐसे योग, जो सौ साल में एक बार आते हैं, अगर पढ़ ली ये बातें तो सालों से रुके काम होंगे चुटकियों में!

Sawan 2025 Yog: सावन 2025 में 10 जुलाई से 9 अगस्त तक चार सोमवारों पर सात दुर्लभ शुभ योग बन रहे हैं. इनमें सर्वार्थ सिद्धि, ब्रह्म और इंद्र योग शामिल हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों में शिव पूजन करने से रुके कार्यों की पूर्ति और विशेष लाभ की संभावना है.

Sawan 2025 Yog: शुभ संयोगों, सावन सोमवारों और आस्था से जुड़ा यह श्रावण मास 10 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त 2025 तक रहेगा. इस बार श्रावण मास सिर्फ 29 दिन का होगा और यह शिव भक्तों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है क्योंकि इस बार चारों सोमवारों पर सात विशेष योग बन रहे हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से यह माह शिव भक्ति और कामनाओं की सिद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है. कांवड़ यात्रा की तैयारियों में प्रशासन और शिविर संचालक पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं.

इस बार सावन मास सिर्फ 29 दिन का क्यों होगा?

ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी के अनुसार, इस बार श्रावण मास में त्रयोदशी तिथि का क्षय हो रहा है. इसी कारण यह माह सामान्य 30 दिन के स्थान पर केवल 29 दिन का रहेगा. हालांकि, यह छोटा जरूर है, परन्तु इसमें बनने वाले शुभ संयोग इसे अत्यधिक प्रभावशाली बना रहे हैं. भक्तों को कम समय में अधिक फल देने वाला यह मास अद्भुत रहेगा.

चार सोमवार और सात शुभ योग: जानिए कब-क्या बन रहा है संयोग

पहला सोमवार – 14 जुलाई 2025

इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और आयुष्मान योग का पावन संयोग बन रहा है. इसके साथ ही गणेश चतुर्थी भी इसी दिन पड़ रही है, जो एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा है. भगवान शिव और भगवान गणेश दोनों की पूजा इस दिन विशेष फलदायी मानी गई है.

दूसरा सोमवार – 21 जुलाई 2025

इस दिन चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होंगे और वृषभ राशि में गोचर करेंगे. साथ ही इस दिन कामिका एकादशी भी है, जो भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए उत्तम मानी जाती है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, संकल्प या व्रत के लिए श्रेष्ठ है. शिव के साथ-साथ विष्णु कृपा की भी संभावना इस दिन बढ़ जाती है.

तीसरा सोमवार – 28 जुलाई 2025

इस सोमवार को चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर करेंगे. यह स्थिति मानसिक स्थिरता, भक्ति और ध्यान के लिए उपयुक्त मानी जाती है. इस दिन श्रद्धा से व्रत और पूजा करने से समस्त पापों का क्षय होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

अंतिम सोमवार – 4 अगस्त 2025

यह सोमवार विशेष रूप से पवित्र है क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्म योग और इंद्र योग तीनों का महासंयोग बन रहा है. चंद्रमा इस दिन अनुराधा और चित्रा नक्षत्र में होंगे तथा वृश्चिक राशि में विचरण करेंगे. यह संयोग भक्तों को अद्वितीय ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान कर सकता है. इस दिन का व्रत व शिवलिंग पर रुद्राभिषेक अत्यंत फलदायी रहेगा.

9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और बुद्ध-आदित्य योग का महासंयोग

श्रावण मास का समापन 9 अगस्त 2025 को श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन होगा. इस दिन बुद्ध-आदित्य योग भी बन रहा है, जो ज्ञान, व्यापार और निर्णय लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. ज्योतिषाचार्य चतुर्वेदी के अनुसार, इस दिन नए व्यवसाय शुरू करना, संपत्ति खरीदना-बेचना, रजिस्ट्रेशन, औद्योगिक स्थापना, विवाह-संवाद आदि जैसे कार्यों के लिए यह समय अत्यंत उपयुक्त है. यह संयोग वर्षों बाद बन रहा है और इसका लाभ उठाना चाहिए.

कांवड़ यात्रा और प्रशासनिक तैयारियां तेज

सावन में लाखों श्रद्धालु गंगा जल लेने के लिए हरिद्वार, गंगोत्री, काशी, देवघर जैसे स्थानों पर जाते हैं और कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. 2025 में भी कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने चाक-चौबंद तैयारियां शुरू कर दी हैं. सुरक्षा, चिकित्सा, शिविर प्रबंधन, यातायात व्यवस्था से लेकर मार्ग में साफ-सफाई तक की जिम्मेदारी तय की जा रही है. कांवड़ शिविर संचालक, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय प्रशासन मिलकर व्यवस्था को भव्य और सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं.

योगों से भरपूर सावन भक्तों के लिए बना वरदान

सावन 2025 भक्तों के लिए धर्म, ज्योतिष और विज्ञान के संगम का एक अद्भुत अवसर बनकर आया है. छोटे होने के बावजूद यह मास विशेष संयोगों से भरपूर है. शिव भक्तों को चाहिए कि वे इस पूरे मास में श्रद्धा, संयम, भक्ति और सेवा भाव से जुड़ें और इन शुभ योगों का अधिकतम लाभ उठाएं.

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लेखक के बारे में

Author: Abhishek Singh

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