UP News: के बैरिया तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का कटान लगातार तेज होता जा रहा है. नदी का रौद्र रूप अब गांवों की आबादी तक पहुंचने लगा है. गोपालनगर टाड़ी, झिंगुरी (झिंग-झिंग) समेत कई गांवों के लोग दहशत में हैं. हालात ऐसे हैं कि यदि कटान की रफ्तार नहीं थमी तो नदी जल्द ही रिहायशी इलाकों को अपनी चपेट में ले सकती है. प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं.
गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा कटान
सरयू नदी लगातार किनारों को काट रही है. खेतों के बाद अब आबादी के करीब तक नदी पहुंचने लगी है. ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन जमीन नदी में समा रही है, जिससे लोगों में भय का माहौल है. कई परिवार अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं.
झिंगुरी और गोपालनगर टाड़ी के लोगों की बढ़ी चिंता
कटान से सबसे अधिक प्रभावित गांवों में गोपालनगर टाड़ी और झिंगुरी का नाम सामने आ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि नदी की धारा लगातार गांव की ओर बढ़ रही है. यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में घरों पर खतरा मंडरा सकता है.
प्रशासन ने किया निरीक्षण, बचाव कार्य तेज करने का दावा
कटान की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और सिंचाई विभाग की टीम ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने बचाव कार्य तेज करने और स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है. साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
ग्रामीण बोले- स्थायी समाधान की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष सरयू नदी का कटान उनकी जिंदगी पर संकट बनकर आता है. अस्थायी बचाव कार्यों से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलने से हर मानसून में गांवों पर खतरा मंडराने लगता है. उन्होंने सरकार से प्रभावी और दीर्घकालिक कटानरोधी परियोजना लागू करने की मांग की है.
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