Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्था को लेकर अब निगरानी और गोपनीयता दोनों बढ़ा दी गई हैं. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कर्मचारियों, अधिकारियों और पुजारियों के लिए सूचना साझा करने के नियम सख्त किए हैं. मंदिर के भीतर की गतिविधियों, फैसलों और व्यवस्थाओं की जानकारी अनधिकृत रूप से बाहर देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. वहीं, रामलला की सेवा में लगे पुजारियों के लिए मंदिर परिसर में मोबाइल के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है.
अंदर की जानकारी बाहर साझा करने पर रोक
नई व्यवस्था में मंदिर की आंतरिक सूचनाओं को सार्वजनिक करने पर विशेष जोर दिया गया है. कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परिसर में होने वाली गतिविधियों, प्रशासनिक फैसलों और व्यवस्थाओं की जानकारी बाहर साझा न करें. मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को भी गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं. कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने कर्मचारियों को अनधिकृत रूप से सूचना साझा नहीं करने की हिदायत दी है.
पुजारियों के लिए भी नियम हुए सख्त
रामलला की सेवा में लगे पुजारियों पर भी नई व्यवस्था लागू की गई है. सेवा के दौरान मंदिर की आंतरिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं की जानकारी सार्वजनिक करने पर रोक है. इसके अलावा मंदिर के अंदर पुजारियों के मोबाइल इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. नियमों का उल्लंघन होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
चढ़ावे की गिनती में बढ़ी निगरानी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था में भी कई बदलाव किए गए हैं. गिनती करने वालों के लिए बिना जेब वाली आसमानी रंग की गाउन अनिवार्य की गई है और अलग चेंजिंग रूम बनाया गया है. प्रवेश और निकास पर तलाशी होगी. मोबाइल और निजी सामान लॉकर में रखना अनिवार्य है. गिनती के दौरान आपस में बातचीत पर भी रोक है. अब टेबल-कुर्सी के बजाय फर्श पर प्लाईवुड बिछाकर गिनती की जा रही है. गिनती कक्ष में 13 नए सीसीटीवी और पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जा रही है.
सुरक्षा और सिस्टम में भी बदलाव
दान पेटी से गिनती कक्ष तक पहुंचने की प्रक्रिया में एसबीआई अधिकारी सील की निगरानी करते हैं. निजी सुरक्षा कर्मियों की संख्या 300 से बढ़ाकर 350 की गई है. दान पेटियों को काउंटिंग सेंटर तक ले जाने के लिए 27 अतिरिक्त एसआईएस कर्मी लगाए गए हैं. कंट्रोल रूम की टीम भी बदली गई है. ट्रस्ट ने पास और बैंकिंग सिस्टम में भी बदलाव किए हैं.
सीईओ चयन पर भी उठे सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसी बीच मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के चयन को लेकर भी सवाल उठे हैं. पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है. उन्होंने पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए कथित बयान का हवाला दिया है. ठाकुर के अनुसार, पांडेय ने दावा किया कि जितेंद्र मिश्र अंतिम 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे और उन्होंने साक्षात्कार भी नहीं दिया था. इसी आधार पर उन्होंने ट्रस्ट से पूछा है कि उनका नाम अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस प्रक्रिया के तहत शामिल हुआ और क्या निर्धारित चयन प्रक्रिया का पालन किया गया.
चढ़ावा चोरी मामले में 17 सितंबर को सुनवाई
राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी. मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी ने कोर्ट से आख्या दाखिल करने के लिए पांच दिन का समय मांगा. विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने आवेदन स्वीकार कर लिया. अब मामले में जमानत पर सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की गई है. कोर्ट ने केस डायरी के साथ आख्या भी तलब की है.
