Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितता और गबन मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है. पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से हुई पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. पुलिस ने शनिवार देर रात टिन्नू के ठिकानों पर छापेमारी कर एक लग्जरी कार और महंगी बाइक बरामद की है. वहीं, पूछताछ में कुछ जमीनों में निवेश की जानकारी भी सामने आई है. 39 घंटे की कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद रविवार रात दोनों आरोपियों को दोबारा जिला जेल भेज दिया गया.
रिमांड के दौरान कई अहम खुलासे
शनिवार सुबह पुलिस ने टिन्नू और मनीष को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस लाइन में लंबी पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू ने स्वीकार किया कि कथित अनियमितताओं से मिले पैसों से उसने लग्जरी कार और महंगी बाइक खरीदी थी. देर रात पुलिस उसे दुर्गापुरी स्थित उसके आवास पर लेकर गई, जहां से दोनों वाहन बरामद किए गए.इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों को राम मंदिर परिसर भी ले गई, जहां उनकी जिम्मेदारियों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया गया और विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर कई अहम साक्ष्य जुटाए गए. लगभग चार घंटे तक चली इस कार्रवाई के बाद दोनों को फिर पुलिस लाइन लाकर पूछताछ जारी रखी गई.
जमीनों में निवेश और संपत्ति बनाने की बात स्वीकार
सूत्रों के अनुसार, मनीष यादव ने पूछताछ में बताया कि उसने टिन्नू के कहने पर ही कथित चोरी की शुरुआत की थी. वहीं, टिन्नू ने लंबे समय से अनियमितता करने और उसी धन से संपत्तियां व जमीन खरीदने की बात स्वीकार की. पुलिस ने जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं, जिनका सत्यापन कराया जा रहा है. जांच के दौरान टिन्नू के करीबी रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई है और कई नई जानकारियां सामने आई हैं.
पत्नी की फर्म की भी होगी वित्तीय जांच
जांच एजेंसियों ने टिन्नू यादव की पत्नी पूनम देवी के नाम से पंजीकृत 'सौंदर्य कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर' फर्म का पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया है. इसके लिए स्टेट जीएसटी विभाग से टर्नओवर, जीएसटी भुगतान, बैंक खातों, आय-व्यय और अन्य वित्तीय दस्तावेज मांगे गए हैं. पुलिस अब कारोबार और धन के स्रोत की भी गहन पड़ताल करेगी.
आज सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी यूपी सरकार
राम मंदिर चढ़ावा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी. सरकार अदालत को अब तक की जांच, एफआईआर, आरोपियों की गिरफ्तारी, बरामदगी और विवेचना की प्रगति से अवगत कराएगी. साथ ही एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और अंतिम रिपोर्ट की मौजूदा स्थिति भी अदालत के समक्ष रखी जाएगी.
एसआईटी सीधे सुप्रीम कोर्ट में नहीं देगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट पहले उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपेगी. इसके बाद सरकार ही जांच के प्रमुख निष्कर्षों को सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह चर्चा थी कि एसआईटी सीधे सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट देगी, लेकिन अधिकारियों ने इसे गलत बताया है.
मायावती ने भी उठाए सवाल
संसद के मानसून सत्र से पहले बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा में कथित चोरी, हेराफेरी और गबन को लेकर जनता में आक्रोश है. यह मुद्दा सड़क से लेकर अदालत तक पहुंच चुका है और संसद में भी इस पर तीखी बहस होने की संभावना है. साथ ही उन्होंने पुलिस मुठभेड़ों और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
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