Prayagraj News: प्रयागराज शहर में केंद्र सरकार की लोकप्रिय सौर ऊर्जा योजना गंभीर तकनीकी बाधाओं से लगातार जूझ रही है. यहाँ के विभिन्न घरों में डेढ़ महीने पहले ही सोलर सिस्टम स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन नेट मीटरिंग की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है. एक हजार से अधिक आवेदन केवल आधुनिक मीटरों के अभाव में लंबित पड़े हुए हैं. इससे परेशान आम नागरिक अधिकारियों के कार्यालयों के लगातार चक्कर काटने को पूरी तरह से विवश हो गए हैं.
सब्सिडी और वित्तीय अनुदान का प्रावधान
नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के माध्यम से घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. दो किलोवाट क्षमता का संयंत्र लगवाने पर लगभग एक लाख तीस हजार रुपये का खर्च आता है. इस परियोजना में सरकार द्वारा नब्बे हजार रुपये की भारी छूट प्रदान की जाती है. शेष राशि के लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है, परंतु मीटर न मिलने से सारा काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है.
बिजली विभाग और विभागीय एजेंसियों का रवैया
विद्युत आपूर्ति निगम और संबंधित ठेकेदारों के बीच आपसी तालमेल न होने से समस्या दिन-ब-दिन और गहरी होती जा रही है. उपभोक्ताओं द्वारा पूरी राशि जमा करने और औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद भी स्मार्ट मीटरों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नए मीटरों का स्टॉक प्राप्त होते ही सभी लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर दिया जाएगा. तब तक बिजली बिलों में राहत पाने का सपना देख रहे लोगों को लंबा इंतजार करना होगा.
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