UP Crime: संगम नगरी प्रयागराज के धूमनगंज स्थित किराए के मकान में रहने वाले फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की दर्दनाक हत्या का खुलासा हुआ है. पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि वारदात को आलोक के ही करीबी दोस्तों ने अंजाम दिया था. पुरानी रंजिश, आपसी ईर्ष्या और अपमान का बदला लेने की नीयत से इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया गया. आरोपियों ने पहले कमरे पर हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को दूर पहाड़ियों में फेंक दिया.
जन्मदिन के जश्न के बाद संदिग्ध गुमशुदगी
प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र निवासी किसान कन्धई लाल के 27 वर्षीय पुत्र आलोक गुप्ता गत 10 अगस्त से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता चल रहे थे. गायब होने की रात उन्होंने अपने किराए वाले कमरे पर गर्लफ्रेंड के साथ अपना जन्मदिन मनाया था. उत्सव के तुरंत बाद से आलोक का फोन स्विच ऑफ हो गया और परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका. अनहोनी की आशंका जताते हुए पीड़ित परिवार ने धूमनगंज पुलिस थाने में लिखित गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की तफ्तीश
मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम ने अंबर अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वारदात की कड़ी जुड़ती चली गई. फुटेज में तीन संदिग्ध युवक भारी बैग को कार में लादते हुए दिखाई दिए. छानबीन के दौरान सोहागी पहाड़ी से एक अज्ञात शव मिलने की सूचना रीवा पुलिस से प्राप्त हुई. कपड़ों के आधार पर परिजनों ने मृतक की शिनाख्त आलोक के रूप में की. पुलिस ने संदिग्धों को कस्टडी में लेकर जब सख्ती से पूछताछ की तब पूरा सच खुलकर सामने आ गया.
