उत्तर प्रदेश में एक और रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. लखनऊ के मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर जानकीपुरम करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है. इस स्टेशन के पास बड़ी आबादी रहती है, जिसे नया नाम मिलने से काफी सहूलियत होगी. उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा देगी.
यात्री सुविधाओं का होगा कायाकल्प
स्टेशन पर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए हाई-स्पीड वाई-फाई, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर प्लेटफार्म शेड लगाए जा रहे हैं. इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, बैठने की उत्तम व्यवस्था और आधुनिक शौचालयों का निर्माण भी शामिल है. इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा मार्ग की तरफ एक नया प्रवेश द्वार बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय छात्रों और निवासियों को क्रासिंग पार किए बिना सीधे प्रवेश मिल सकेगा.
सर्कुलर रेल परियोजना में निभाई प्रमुख भूमिका
प्रस्तावित सर्कुलर रेल नेटवर्क में इस रेलवे स्टेशन को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सीतापुर और लखीमपुर जैसे नजदीकी इलाकों से रोज पढ़ाई या नौकरी के लिए आने वाले लोगों के लिए यह एक मुख्य ठहराव बनेगा. शहर के भीतर सड़क यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से लोकल और पैसेंजर ट्रेनों का समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा. इस योजना के लागू होने से दैनिक यात्रियों के समय और धन दोनों की भारी बचत होगी.
भविष्य में एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव
स्टेशन के पुनर्विकास के साथ ही यहां ठहरने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है. भविष्य में लखनऊ से गुजरने वाली कई प्रमुख एक्सप्रेस और मेल ट्रेनों का ठहराव यहां दिया जाएगा. इससे मुख्य चारबाग और लखनऊ जंक्शन स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ का दबाव काफी कम होगा. जानकीपुरम और मड़ियांव क्षेत्र के निवासियों को अब लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ने के लिए शहर के दूसरे कोने तक नहीं जाना पड़ेगा, जिससे काफी सहूलियत मिलेगी.
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