UP News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नोएडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत में अवैध रूप से रह रहे एक चीनी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग कई शेल (Shell) कंपनियां बनाकर हवाला कारोबार और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे. STF की कार्रवाई के बाद इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए हैं.
अवैध रूप से रह रहा था चीनी नागरिक
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी चीनी नागरिक भारत में अवैध रूप से रह रहा था. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कई शेल कंपनियां बनाई थीं. इन कंपनियों का इस्तेमाल हवाला लेन-देन और अन्य संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं.
छापेमारी में मिले लैपटॉप, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज
कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से पांच लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, चीनी नागरिक का कूटरचित आधार कार्ड, विभिन्न कंपनियों की 10 मुहरें, दो चीनी पासपोर्ट, चीनी पहचान पत्र, 11 चेकबुक, इनवॉइस, कंपनियों के शेयर फॉर्म और इन्कॉरपोरेशन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं.
करोड़ों रुपये के चेक भी बरामद
एसटीएफ ने आरोपियों के पास से 4 करोड़ 72 लाख 69 हजार 27 रुपये मूल्य के चेक और 15,400 रुपये नकद भी बरामद किए हैं. बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेन-देन का पता लगाया जा सके.
बड़े नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां
प्राथमिक जांच में मामला हवाला कारोबार और फर्जी कंपनियों के जरिए वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा माना जा रहा है. एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार देश और विदेश में किन-किन लोगों से जुड़े हैं. साथ ही शेल कंपनियों के माध्यम से किए गए वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है.
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस कार्रवाई को अपराध और संगठित आर्थिक अपराधों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा बताया है. अधिकारियों का कहना है कि राज्य में अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति या गिरोह के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.
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