Meerut Murder : मेरे दामाद को न्याय मिले, मुस्कान के पिता बोले– मौत की सजा दी जाए बेटी को

Meerut Murder : मुस्कान ने सरकारी वकील की मांग की है. इस बीच उसके पिता ने कहा है कि मेरे दामाद को न्याय मिलना चाहिए. मुस्कान को मौत की सजा दी जानी चाहिए.

Meerut Murder : उत्तर प्रदेश के मेरठ में अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान रस्तोगी को वकील नहीं मिल रहा है. आरोपी मुस्कान ने सरकारी बचाव वकील की मांग करते हुए कहा है कि उसका परिवार उसके लिए नहीं लड़ेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि वे उससे “नाराज” हैं. मुस्कान और साहिल वर्तमान में हत्या के आरोप में मेरठ जिला जेल में बंद हैं.

सरकारी बचाव वकील मुहैया कराया जाए : मुस्कान

वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि मुस्कान और साहिल को अलग-अलग बैरकों में रखा जा रहा है. ये विशेष रूप से पुरुषों और महिलाओं के लिए बनाए गए हैं, उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों के बीच कोई संपर्क नहीं है. शर्मा ने कहा, “शनिवार को मुस्कान मुझसे मिलना चाहती थी, मैंने उसे फोन किया. उसने कहा कि उसका परिवार परेशान है और उसका केस नहीं लड़ेगा. इसलिए उसे सरकारी बचाव वकील मुहैया कराया जाए. हम अदालत में याचिका भेज रहे हैं क्योंकि यह कैदी का अधिकार है.”

मुस्कान और साहिल नशे के आदी

दोनों कथित हत्यारों को भी ड्रग एडिक्शन की समस्या है. मुस्कान ने जेल में मॉर्फिन इंजेक्शन की मांग की और साहिल मारिजुआना की मांग कर रहा है. दोनों ने खाना खाने से भी मना कर दिया. यह ड्रग लेने वालों के आम लक्षण है. जेल अधीक्षक शर्मा ने कहा कि दोनों का नशा मुक्ति केंद्र में इलाज किया जा रहा है. मुस्कान और साहिल को काउंसलिंग दी जा रही है. उन्हें योग और ध्यान सत्रों के लिए भेजा जा रहा है. शर्मा ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि आम कैदी उनसे दूर रहें.”

दामाद को न्याय मिलना चाहिए, मुस्कान के पिता ने कहा

मुस्कान के पिता प्रमोद ही उसे अपराध कबूल करवाने के लिए पुलिस स्टेशन ले गए थे. हालांकि उसने शुरू में अपने माता-पिता को अस्पष्ट जवाब दिए थे, लेकिन जब उन्होंने सच्चाई बताने के लिए दबाव डाला तो रस्तोगी ने आखिरकार अपने पति की हत्या करना स्वीकार कर लिया. दरअसल, प्रमोद ने अपनी बेटी के लिए मृत्युदंड की मांग की है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में उन्होंने कहा, “इस मामले में फैसला जल्द आना चाहिए और मैं उसके लिए मृत्युदंड से कम कुछ नहीं चाहता. उसने जो किया वह बहुत गलत है. मेरे दामाद को न्याय मिलना चाहिए.”

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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