बिजली की समस्या और चुनावी रंजिश ने ली दो सगे भाइयों की जान, ग्राम प्रधान पर हत्या का आरोप

MATHURA: मथुरा के धर्मपुरा गांव में बिजली की शिकायत और चुनावी रंजिश के चलते दो सगे भाइयों तिलक और विनोद सिंह की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई. परिजनों ने ग्राम प्रधान ताराचंद और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है.

MATHURA: मथुरा जनपद के फरह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धर्मपुरा गांव में रविवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया. ग्राम पीलूआ सादिकपुर के नगला बंजारा निवासी बच्चन सिंह के दो पुत्रों की निर्मम पिटाई कर हत्या कर दी गई. मृतकों की पहचान तिलक सिंह (35) और विनोद सिंह (33) के रूप में हुई है. इस दोहरे हत्याकांड का आरोप ग्राम प्रधान ताराचंद और उसके साथियों पर लगा है, हालांकि पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना बता रही है.

बिजली की शिकायत से शुरू हुआ विवाद

बच्चन सिंह के अनुसार, उनका परिवार पिछले दो वर्षों से गोवर्धन की छोटी परिक्रमा क्षेत्र में पंचमुखी स्थान के पास निवास कर रहा है. बीते रविवार को उनके दोनों बेटे गांव धर्मपुरा आए थे, जहां उनके पुश्तैनी घर में बिजली आपूर्ति बाधित थी. तिलक और विनोद ने इस समस्या को लेकर ग्राम प्रधान ताराचंद को फोन कर लाइनमैन भेजने का अनुरोध किया. आरोप है कि ग्राम प्रधान ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया और उलटे दोनों भाइयों से कहासुनी हो गई. हालात इतने बिगड़ गए कि प्रधान ने दोनों भाइयों को जान से मारने की धमकी दे दी.

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तिलक और विनोद घबराकर बाइक से गांव छोड़कर गोवर्धन लौटने लगे. लेकिन यह निर्णय उनके जीवन की अंतिम यात्रा बन गई. आरोप है कि ग्राम प्रधान ताराचंद ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर धर्मपुरा गांव की नहर के पास दोनों भाइयों को घेर लिया और लाठी-डंडों तथा सरियों से बेरहमी से पीटा.

मौके पर ग्रामीण और परिजन पहुंचे, अस्पताल में हुई पुष्टि

घटना के समय जब कुछ ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो वे तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े. ग्रामीणों को आता देख हमलावर वहां से फरार हो गए. स्थानीय लोगों ने तत्काल इस घटना की सूचना मृतकों के परिजनों को दी. आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों को घायल अवस्था में अस्पताल ले गए. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने तिलक सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनोद सिंह को गंभीर हालत में भर्ती किया गया. लेकिन उपचार के दौरान कुछ ही समय बाद विनोद की भी मृत्यु हो गई.

पुलिस का रुख और जांच की स्थिति

घटना के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. सीओ रिफाइनरी श्वेता वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों युवकों की मृत्यु बाइक से गिरने के कारण प्रतीत हो रही है. हालांकि, परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर ग्राम प्रधान ताराचंद सहित पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी.

चुनावी रंजिश बना खून-खराबे का कारण

इस घटना की पृष्ठभूमि में एक और अहम पहलू सामने आया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है. दिवाली के अवसर पर मृतक तिलक सिंह ने गांव में शुभकामनाओं के बैनर लगाए थे. यह बात चार वर्षों से ग्राम प्रधान पद के लिए तैयारी कर रहे राजू को नागवार गुज़री. उसे शक हुआ कि तिलक या विनोद आने वाले चुनाव में उसके खिलाफ चुनावी मैदान में उतर सकते हैं. इसी संदेह और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते राजू ने दिवाली के दिन ही धमकी दी थी कि अगर दोनों भाई गांव में नजर आए, तो उन्हें सबक सिखाया जाएगा. परिजनों का मानना है कि इसी रंजिश के चलते यह हत्या की गई है. इस मुद्दे ने केवल दो परिवारों को नहीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे आघात में डाल दिया है. ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

गांव के आसपास के लोगों का कहना है

यह दुखद घटना केवल एक आपसी विवाद या दुर्घटना नहीं, बल्कि उस सामाजिक और राजनीतिक ताने-बाने का परिणाम प्रतीत होती है, जिसमें व्यक्तिगत स्वार्थ और सत्ता की लालसा निर्दोष लोगों की जान ले लेली. पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलवाए ताकि गांव में फिर से शांति बहाल हो सके और न्याय की उम्मीद कायम रह सके.

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Author: Abhishek Singh

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