'जो हमारी चप्पल उठाने की औकात नहीं रखते'...वरुण गांधी ने भ्रष्टाचार को लेकर अपनों पर साधा निशाना, उठाए सवाल

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने ​तंज कसते हुए कहा कि जो हमारी चप्पल उठाने की औकात नहीं रखते थे, वे पांच पांच गाड़ियों के काफिले में चल रहे हैं. जो पहले कहते थे, भईया हमें एक मौका दे दो. हमारे सामने बोलने की औकात नहीं रखते थे. इन लोगों ने पीलीभीत शहर का आधा हिस्सा घेर लिया है.

Lucknow: अपने बयानों से अक्सर सरकार पर सवाल खड़े करने वाले भाजपा सांसद वरुण गांधी इन दिनों एक बार फिर चर्चाओं में हैं. इस बार उनका एक वीडियो वायरल हो रह है, जिसमें वह कभी उनके पीछे घूमने वाले लोगों के लिए ‘औकात’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वरुण गांधी ने यह बयान अपने संसदीय क्षेत्र पीलीभीत में एक जनसभा के दौरान दिया था, जो काफी वायरल हो गया है. इसमें उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. लेकिन, माना जा रहा है कि पीलीभीत की सियासत से जुड़े एक माननीय पर ये निशाना साधा गया है.

भाजपा सांसद वरुण गांधी ने पीलीभीत में एक जनसभा में कहा कि हमें 35 साल हो गए, हमारे पास कोई घर है? क्या कोई जमीन है? हमने कोई कालोनी काटी है? हम तो आज भी एक कमरे में रहते हैं. हमारी जगह कोई और होता तो बड़ा महल बना चुका होता. बगीचा बना देता.

उन्होंने ​तंज कसते हुए कहा कि जो हमारी चप्पल उठाने की औकात नहीं रखते थे, वे पांच पांच गाड़ियों के काफिले में चल रहे हैं. जो पहले कहते थे, भईया हमें एक मौका दे दो. हमारे सामने बोलने की औकात नहीं रखते थे. इन लोगों ने पीलीभीत शहर का आधा हिस्सा घेर लिया है. इस दौरान वरुण गांधी जनसभा में मौजूद लोगों से इस बात के सही होने को लेकर सवाल भी कर रहे हैं, जिसके जवाब में उपस्थित भीड़ हां में अपनी सहमति दे रही है.

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भाजपा सांसद के इस बयान के कई मायने निकले जा रहे हैं. वहीं उन्होंने एक बार फिर अपनी पार्टी की सरकार में ही भ्रष्टाचार को लेकर सवाल खड़े किए. सांसद ने कहा कि आज आप जब थाने जाते हैं तो रिश्वत देनी पड़ती है. पेंशन, कमरा, आवास लेने के लिए रुपये देने पड़ रहे हैं. यह जो पाप है, ये जो भ्रष्टाचार का समय चल रहा है, आपको क्या लगता है कि यह आपकी गलतियों की वजह से नहीं हो रहा है.

सांसद वरुण गांधी ने कहा कि जब भी चुनाव आता है तो लोग जाति-धर्म के आधार पर वोट देते हैं. लोग यह नहीं सोचते कि किसी अच्छे इंसान को जिताएं. लोग यह नहीं सोचते कि कट्टर ईमानदार को जिताएं. लोग यह सोचते हैं कि यह प्रत्याशी सहधर्मी है इसलिए इसके साथ चलो. वरुण गांधी इससे पहले भी कई मौकों पर प्रदेश में भ्रष्टाचार और अन्य समस्याओं को लेकर सवाल उठा चुके हैं.

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लेखक के बारे में

By Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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