लखनऊ, कानपुर नगर व मेरठ में कोविड-19 से निपटने के लिये विशेष रणनीति बनाएं : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ, कानपुर नगर व मेरठ में कोविड-19 के संबंध में विशेष रणनीति बनाकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि जब तक कोरोना का कोई टीका नहीं आ जाता तब तक सतर्कता व बचाव ही एक मात्र उपाय है. उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए कोविड-19 के संबंध में पूरी सतर्कता व बचाव के उपायों के साथ काम का संचालन किया जाए.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ, कानपुर नगर व मेरठ में कोविड-19 के संबंध में विशेष रणनीति बनाकर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि जब तक कोरोना का कोई टीका नहीं आ जाता तब तक सतर्कता व बचाव ही एक मात्र उपाय है. उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को देखते हुए कोविड-19 के संबंध में पूरी सतर्कता व बचाव के उपायों के साथ काम का संचालन किया जाए.

सरकारी बुलेटिन के मुताबिक, रविवार को कोविड-19 के लखनऊ में 548, मेरठ में 191 व कानपुर नगर में 179 नये मामले सामने आये हैं. सरकार की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘अनलॉक व्यवस्था’ की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की दर को नियंत्रित करने में सफलता मिली है. पिछले एक सप्ताह में सक्रिय कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या में काफी कमी आई है, यह एक अच्छा संकेत है. यह दर्शाता है कि राज्य सरकार की कोविड-19 के प्रति अपनायी गयी रणनीति कारगर रही है. कोविड-19 नियंत्रण संबंधी कार्य सक्रियता के साथ निरंतर जारी रखें जाएं.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर महत्वपूर्ण चौराहों व स्थानों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से कोविड-19 के संबंध में जागरूकता उत्पन्न करने का कार्य प्रभावी रूप से किया जाए. निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए. योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कोविड हेल्प डेस्क सभी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, सरकारी कार्यालयों में निरन्तर कार्यशील रहें.”

विज्ञप्ति के मुताबिक, उन्होंने कहा, “‘अनलॉक व्यवस्था’ के तहत औद्योगिक विकास और गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है. इन्वेस्टर्स समिट के दौरान और उसके बाद प्रदेश में निवेश के इच्छुक उद्यमियों और निवेशकों से निरंतर संवाद रखा जाए. उनकी समस्याओं का निस्तारण शीघ्रता से किया जाए.” मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अक्टूबर, 2020 से धान खरीद की कार्यवाही की जाएगी.

इस संबंध में सारी व्यवस्थाएं समय रहते कर ली जाएं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाए. उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य हर दशा में मिले. उन्होंने गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वहां चारे की पर्याप्त व्यवस्था हो. गौवंश का टीकाकरण भी कराया जाए.

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