Swami Prasad Maurya Resigns: उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने इसके पीछे की वजह दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की सरकार द्वारा घोर उपेक्षात्मक रवैये को बताया है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख व पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी एक ट्वीट किया है, जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद अब और भी बीजेपी विधायक सपा में शामिल हो सकते हैं.
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने ट्वीट कर कहा, सामाजिक न्याय का इंकलाब होगा-पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, वंचितों का हक लूटने वालों का खदेड़ा होगा. भाजपा का विकेट गिरना शुरू हो गया है. आगे देखते जाइये कतार लगने वाला है.
ओपी राजभर ने आगे कहा कि 10 मार्च को सुभासपा व सपा गठबंधन की पूर्ण बहुमत सरकार बनेगी. अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे. बता दें, बांदा जिले के तिंदवारा विधानसभा से बीजेपी विधायक बृजेश कुमार प्रजापति ने भी अपना इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है.
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर कहा, स्वामी प्रसाद मौर्य ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है, मैं नहीं जानता हूं. उनसे अपील है कि बैठकर बात करें. जल्दबाजी में लिये हुये फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं.
रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट कर कहा, स्वामी प्रसाद मौर्य जी तैयार रहिए, ईमानदार पत्रकार आज से आपको देशद्रोही की श्रेणी में खड़ा कर देंगे. ईमानदार पत्रकारों से बच कर रहिए.
https://twitter.com/suryapsingh_IAS/status/1480843927528022020 Also Read: UP Chunav 2022: यूपी चुनाव में भारी है नोएडा का अंधविश्वास, अखिलेश ने जाहिर किया डर तो CM योगी तोड़ा वहमवहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य का मतलब सूर्य है जबकि स्वामी प्रसाद मौर्य का मतलब अंधकार है.
