Lakhimpur Kheri: SC का योगी सरकार को गवाहों को सुरक्षा देने के निर्देश, 8 नवंबर को अगली सुनवाई

उच्चतम न्यायालय ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को आदेश दिया है कि वो लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाहों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतज़ाम करे. इस मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी.

Lakhimpur Kheri: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लखीमपुर खीरी में हुए हिंसा को लेकर सुनवाई की. इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार के वकील हरीश साल्वे ने जवाब दायर करते हुए बताया कि हिंसा में मारे गए ड्राइवर और पत्रकार की मौत से संबंधित सबूतों को जुटाना काफी मुश्किल है. वहीं, उच्चतम न्यायालय ने प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को आदेश दिया है कि वो लखीमपुर खीरी हिंसा के गवाहों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतज़ाम करे. इस मामले की अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी.

Also Read: Aligarh News: अलीगढ़ से निकली लखीमपुर खीरी किसान अस्थि कलश यात्रा, 27 अक्टूबर को गंगा में होगा विसर्जन
हिंसा के गवाहों का दर्ज कराएं बयान- सुप्रीम कोर्ट

मंगलवार का दिन लखीमपुर खीरी के तिकुनिया क्षेत्र में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा की सुनवाई का था. इस बीच कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश भी दिया कि वो तिकुनिया हिंसा में मारे गए आठ लोगों के मामले में गवाहों की सेक्शन 164 में बयान दर्ज कराए. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है यदि गवाहों का बयान दर्ज करने में मजिस्ट्रेट की उपलब्धता में समस्या आती है तो उस जिला के न्यायाधीश व्यवस्था करेंगे.


मात्र 23 गवाह मिलना आश्चर्यजनक- सुप्रीम कोर्ट 

इसके अलावा कोर्ट ने सरकारी वकील हरीश साल्वे से कहा है आश्चर्य की बात है कि इतनी बड़ी हिंसा के हजारों गवाह होने के बाद भी राज्य सरकार को मात्र 23 गवाह मिले हैं. उन्होंने इसके साथ राज्य सरकार को हिंसा के संबंधित गवाहों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करनी होगी. कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है हिंसा के दौरान एक पत्रकार की मॉब लिंचिंग के मामले में राज्य को अलग से जवाब दाखिल करना चाहिए.

Also Read: लखीमपुर खीरी मामले में योगी सरकार को SC की फटकार, सीजेआई बोले- देर रात करते रहे स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार
अलग से जवाब दाखिल करने के निर्देश- सुप्रीम कोर्ट

सरकारी वकील का पक्ष सुनने के बाद पीठ ने आदेश दे दिया. इसके बाद वरिष्ठ वकील अरुण भारद्वाज ने मारे गए लोगों में से एक की विधवा रूबी देवी की ओर से उपस्थिति दर्ज कराई. उन्होंने पीठ के समक्ष कहा- मैं रूबी देवी के लिए पेश होता हूं. मेरे पति की हत्या कर दी गई है. मुझे न्याय चाहिए. हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं और मुझे धमका रहे हैं. एक अन्य अधिवक्ता ने हिंसा के दौरान एक पत्रकार की हत्या की जांच से संबंधित मुद्दे का उल्लेख किया. कोर्ट ने इन पक्षों को सुनने के बाद अधिवक्ता हरीश साल्वे से कहा कि राज्य सरकार को इन मामलों में अलग से जवाब दाखिल करना चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >