लखनऊ में 22 मार्च को देखा जाएगा रमजान का चांद, खालिद रशीद फरंगी महली करेंगे ऐलान, जानें इस बार क्या है खास…

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के मुताबिक 22 मार्च को रमजान महीने का चांद देखा जाएगा. चांद कमेटियां रमजान महीने की तारीख का ऐलान करेंगी. इस बीच पांच साल के बाद इस बार भी रमजान के पाक महीने में पांच जुमा यानी शुक्रवार होंगे. रमजान के महीने का पहला जुमा 24 मार्च और आखिरी जुमा 21 अप्रैल को होगा.

By Sanjay Singh | March 20, 2023 1:36 PM

Lucknow: राजधानी लखनऊ में मस्जिदों और घरों में रमजान को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के मुताबिक 22 मार्च को रमजान महीने का चांद देखा जाएगा. चांद कमेटियां रमजान महीने की तारीख का ऐलान करेंगी.

उन्होंने कहा कि चांद नजर आने पर मस्जिदों में तरावीह का दौर शुरू हो जाएगा. 22 मार्च को चांद नजर आने के बाद रात से तरावीह शुरू हो जाएगी और पहला रोजा 23 मार्च को होगा. वहीं 22 मार्च को चांद दिखाई नहीं देने पर तरावीह 23 की रात से होगी और 24 मार्च को पहला रोजा होगा.

जामा मस्जिद ईदगाह में महिलाओं के लिए तरावीह को लेकर विशेष इंतजाम

उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद ईदगाह लखनऊ में महिलाओं के लिए तरावीह को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. रमजान अल्लाह की इबादत का महीना है. इसमें सभी को अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और रोज रखने चाहिए. इस बीच पांच साल के बाद इस बार भी मुकद्दस रमजान के पाक महीने में पांच जुमा यानी शुक्रवार होंगे. रमजान के महीने का पहला जुमा 24 मार्च और आखिरी जुमा 21 अप्रैल को होगा. इससे पहले साल 2018 में भी रमजान के महीने में पांच जुमा ही पड़े थे.

चांद नजर आने के साथ ही तरावीह की होगी शुरुआत

चांद के दीदार के मुताबिक 23 या 24 मार्च को मुकद्दस रमजान का पाक महीना शुरू होगा. रमजान के पहले दिन से ही रोजा, नमाज, इबादत और तरावीह का सिलसिला शुरू हो जाएगा. रमजान इबादत व बरकतों का महीना है. इस माह में मुसलमान रोजे रखते हैं व नमाज के साथ तिलावते कुरान-ए-पाक करके अल्लाह की इबादत करते हैं.

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पुराने लखनऊ में चहलकदमी बढ़ी

रमजान को लेकर पुराने शहर के अकबरी गेट, विक्टोरिया स्ट्रीट, कश्मीरी मोहल्ला, नक्खास, मौलवीगंज, वजीरगंज, गोलागंज आदि क्षेत्रों में लोगों की चहल कदमी बढ़ गई है. वहीं देर शाम तक बाजार गुलजार हो रहे हैं. विशेषकर अकबरी गेट पर लोग काफी दूर-दूर से रात में आकर कुल्चे-नहारी, बिरयानी, कश्मीरी चाय आदि का भरपूर मजा लेने पहुंच रहे हैं. रमजान को देखते हुए पुराने लखनऊ के बाजारों में कारीगरों ने सेवई के लच्छे तैयार करना शुरु कर दिए हैं. रोजेदार सहरी में दूध-लच्छे खाना अधिक पसंद करते हैं. पुराने शहर के खदरा, हुसैनाबाद, अकबरी गेट, नक्खास, मौलवीगंज, काजमैन और कश्मीरी मोहल्ला आदि इलाके के बाजारों में लच्छे की दुकानें सज गई हैं.

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