लखनऊ में किरायेदारों और डिलीवरी ब्वॉय-गर्ल के लिए पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी, जानें कैसे और कहां होगा रजिस्ट्रेशन

लखनऊ में पुलिस ने डिलीवरी ब्वॉय-गर्ल और किराएदारों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया है. पुलिस वेरिफिकेशन का फॉर्म UPCOP app और यूपी पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है. वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत होने पर लोग 9454405232 पर संपर्क कर सकते हैं.

Lucknow: प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब किरायेदारों और घरों तक सामान पहुंचाने वाले डिलीवरी ब्वॉय का पुलिस से चरित्र सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है. पहले सिर्फ इसे सलाह दी जाती थी, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था ने पुलिस वेरिफिकेशन (चरित्र सत्यापन) को धारा 144 के तहत अनिवार्य कर आदेश भी जारी कर दिया है.

नये नियम के दायरे में मकान और काम्पलेक्स के मालिकों को किरायेदारों और डोर टू डोर दवा, भोजन टू और अन्य सामान का वितरण कराने वाले प्रतिष्ठानों को डिलीवरी ब्वॉय का सत्यापन कराना होगा. फिलहाल इसके लिए दो माह तक समय दिया गया है. इसके बाद नियम का पालन नहीं करने वालों पर 25 अक्तूबर के बाद धारा 188 में कार्रवाई होगी.

जेसीपी कानून व्यवस्था उपेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. मकान, प्रतिष्ठान मालिकों को दो माह का समय दिया जा रहा है. 25 अक्तूबर तक इन्हें सत्यापन करना होगा. इसके बाद डिलीवरी ब्वॉय, किरायेदारों का सत्यापन नहीं मिलेगा तो कार्रवाई होगी. अगर किरायेदार, डिलीवरी ब्वॉय द्वारा कोई अपराध किया जाता है और इनका पता नहीं चलता है तो मालिकों पर भी कानूनी कार्रवाई होगी.

जेसीपी ने साफ किया कि जोमैटो, स्विग्गी और ऑनलाइन कम्पनी जो घरों तक सामान पहुंचाते हैं, उन्हें भी डिलीवरी ब्वॉय का सत्यापन कराना जरूरी होगा. सत्यापन की जिम्मेदारी मालिक की होगी. जिनसे होम डिलीवरी दी जाती है, उन्हें भी कर्मचारियों का सत्यापन कराना होगा.

पुलिस वेरिफिकेशन का फॉर्म UPCOP app और यूपी पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसे ऑनलाइन ही भरना होगा. आवेदन के बाद थाने से ब्योरा मांगा जाता है तो समय से देना होगा. वेरिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत होने पर लोग 9454405232 पर संपर्क कर सकते हैं. जेसीपी ने कहा कि डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी कोर्ट नोटिस बोर्ड, थानों में इस सम्बन्ध में जानकारी रहेगी.

सीएम योगी ने राज्य की कानून व्यवस्था पर जताई नाराजगी

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ राज्य की कानून व्यवस्था से खुश नहीं हैं. उन्होंने हाल ही में यूपी पुलिस को लताड़ लगाई. उन्होंने कई मसलों पर पुलिस को सतर्क रहने को कहा. इन्हीं मसलों में से एक गाड़ियों पर लिखे जातिसूचक शब्द हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द लिखना और चेन स्नेचिंग की घटनाओं को पुलिस हल्के में न ले. इस तरह की छोटी-छोटी घटनाएं हीं बाद में बड़ी बन जाती हैं. इसलिए पुलिस को पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि वाहनों पर जातिसूचक बोर्ड लगाकर कोई न चल सके.

विशेष अभियान चलाएगी पुलिस

सीएम योगी की लताड़ के बाद यूपी पुलिस अगले कुछ दिनों में विशेष अभियान चलाने जा रही है. इसमें अगर आपके किसी भी तरह के गाड़ियों जैसे बाइक, कार, ट्रक या फिर अन्य गाड़ियों पर जातिसूचक शब्द का बोर्ड लगाना दंडनीय अपराध होगा. योगी की फरमान के बाद प्रदेश के सभी जिलों के परिवहन विभागों ने उन गाड़ियों का चालान काटना शुरू कर दिया है, जिनपर जातिसूचक शब्द या लाइन लिखा गया है.

मोटर व्हीकल एक्ट में इस बारे में जुर्माने का प्रावधान है. कानून कहता है कि गाड़ियों के नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा कुछ भी लिखना गलत है. यहां तक की नंबर के फांट साइज और उसकी स्टाइल भी नियम के अनुकूल होनी चाहिए लेकिन, अभी तक इसका पालन नहीं हो रहा है.

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Author: Sandeep kumar

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