Nizamuddin Markaz : तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद की तलाश में छापा, शामली स्थित फॉर्महाउस में पहुंची क्राइम ब्रांच की टीम

तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद के उत्तर प्रदेश में शामली स्थित फार्म हाउस पर दिल्ली पुलिस की टीम ने गुरुवार को छापा मारा है. कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की टीम पर्सनल प्रोटेक्शन किट भी पहनी हुई है.

नयी दिल्ली/शामली : तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद के उत्तर प्रदेश में शामली स्थित फार्म हाउस पर दिल्ली पुलिस की टीम ने गुरुवार को छापा मारा. छापेमारी के दौरान कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की टीम पर्सनल प्रोटेक्शन किट में दिखे. गौर हो कि निजामुद्दीन मरकज में पिछले महीने हुए जलसे में शामिल हुए लोगों में ज्यादातर कोरोना की चपेट में हैं. अब तक मरकज से जुड़े चार हजार से ज्यादा लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि की जा चुकी है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के शामली स्थित मौलाना के फार्म हाउस पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमारी के दौरान अहम जानकारियां एकत्र करने के प्रयास में जुटी रही. इस दौरान क्राइम ब्रांच की टीम फार्म हाउस के मौलाना साद के बारे में तथ्य खोज रही है. टीम में आधा दर्जन से भी अधिक लोग पीपीई किट में थे. निजामुद्दीन मरकज मामले में मौलाना साद के खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा के तहत भी केस दर्ज किया है. इसके बाद से ही मौलाना साद की तलाश की जा रही है.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मरकज को मनी लांड्रिंग के मामले में भी एक मामला दर्ज किया गया है. इन्हीं सब मामलों से जुड़े जवाब को जानने के उद्देश्य से आज कांधला में मौलाना साद के फार्म हाउस पर दिल्ली क्राइम ब्रांच टीम ने छापेमारी की है.

इससे पहले मौलाना साद ने हाल ही में एक समाचार एजेंसी को दिये साक्षात्कार में कहा था कि मैं छिपा नहीं हूं. यह कहना गलत है कि मैं किसी से छुपा हूं. साद ने आगे कहा था कि अपने डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, मैं दिल्ली में क्वारेंटिन था. कानून प्रवर्तन एजेंसियां इससे पूरी तरह अवगत हैं. यही कारण है कि इस अवधि के दौरान भी आईओ से दो नोटिस दिये गये हैं और उन्हें पहले से ही जवाब भी दे दिया गया है.

मौलाना साद ने साथ ही कहा, अगर मुझे मरना है, तो मैं अपनी अंतिम सांस के स्थान के रूप में एक मस्जिद, सर्वशक्तिमान के घर का चुनाव करूंगा. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि मैं लोगों को मस्जिद में इकट्ठा होने और वहां मरने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं.

दिल्ली पुलिस ने तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद और उसके सहयोगियों को सरकारी अस्पताल में कोविड-19 का जांच कराने को कहा था. साथ ही दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद की वकीलों की इस दलील को मानने से इनकार कर दिया कि मौलाना साद अपराध शाखा की जांच में शामिल हो गया है.

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By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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