लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रो.पूनम टंडन बनीं DDU की कुलपति, प्रो. वंदना सिंह को मिली जौनपुर की कमान

UP News: लखनऊ यूनिवर्सिटी में तैनात रही प्रो. पूनम टंडन को गोरखपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की प्रो. वंदना सिंह को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है.

UP News: उत्तर प्रदेश के दो राज्य विश्वविद्यालयों में नए कुलपति की तैनाती की गई है. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को आदेश जारी करके लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर पूनम टंडन को गोरखपुर की दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया हैं.

इसके साथ ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की प्रो. वंदना सिंह को जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है. अहम बात यह हैं कि दोनों ही राज्य विश्वविद्यालय में महिला शिक्षकों की कुलपति के रूप में तैनाती दी गई हैं. दोनों पद पर नियुक्त किए गए कुलपति 3 वर्ष तक इस पद पर तैनात रहेंगे.

अपर मुख्य सचिव डॉ. एम बोबडे ने जारी किया पत्र

दरअसल, गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों और कुलपति, प्रशासनिक अफसरों के बीच हुए उपद्रव के बाद से VC राजेश सिंह को हटाने के कयास लगाए जा रहे थे. साथ ही उनका अगले महीने के पहले सप्ताह में कार्यकाल समाप्त हो रहा है. इस बीच गुरुवार को राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के अपर मुख्य सचिव डॉ. एम बोबडे ने पत्र जारी किया है, जिसमें बताया गया कि कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा- 12 की उपधारा 1 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. पूनम टंडन को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है.

प्रो. पूनम टंडन को कार्यभार ग्रहण करने तिथि से 3 साल की अवधि तक गोरखपुर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है. वहीं प्रो. वंदना सिंह को भी पदभार ग्रहण करने तीन साल की अवधि तक वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है. बता दें पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्या का बीते दिनों कार्यकाल पूरा हो गया था.

फिजिक्स विभाग की प्रोफेसर को 30 साल का लंबा टीचिंग एक्सपीरियंस

प्रोफेसर पूनम टंडन लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग में 2006 से प्रोफेसर के पद पर काम कर रही है. लगभग 30 वर्षों से लखनऊ विश्वविद्यालय में है. उनके 250 से ज्यादा राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय जनरल्स के शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं. इसके अलावा लगभग 40 छात्रों ने पीएचडी वर्क पूरा किया है. प्रोफेसर पूनम टंडन ने कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ काम भी किया है.

लखनऊ विश्वविद्यालय में उन्होंने डीन स्टूडेंट वेलफेयर और डीन एकेडमिक्स जैसे पदों की जिम्मेदारी दी जिसका बखूबी से निर्वाहन कर दिया. वर्तमान में उपक्रम के महानिदेशक पद पर भी कार्य कर रही हैं. प्रोफेसर पूनम टंडन को यंग साइंटिस्ट अवार्ड, यूजीसी अवार्ड, फुल ब्राइट स्कॉलरशिप, हम बुल्ट अवार्ड और शिक्षक श्री सम्मान भी मिल चुका है.

गौरतलब है कि इससे पहले राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने रुहेलखंड विवि और संपूर्णानंद संस्कृत विवि में कुलपति की नियुक्ति की थी. प्रोफेसर कृष्ण पाल सिंह को लगातार दूसरी बार महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था.

इसके साथ ही प्रो. बिहारी लाल शर्मा को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी का कुलपति बनाया गया था. दोनों ही कुलपतियों की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल के लिए जिम्मा सौंपा गया था. उसके कुछ दिन पहले डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. सोनिया नित्यानंद को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ का कुलपति नियुक्त किया था.

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Author: Sandeep kumar

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