जौनपुर: छात्रा से अश्लील बात करने वाला प्रोफेसर निलंबित, टीडी कॉलेज प्रशासन ने पांच सदस्यीय समिति का किया गठन

जौनपुर के कॉलेज में छात्रा से अश्लील बातचीत के वायरल वीडियो के मामले में प्रबंध समिति की बैठक हुई. इसमें समिति ने अहम निर्णय लेते हुए आरोपी प्राचीन इतिहास के विभागाध्यक्ष (एचओडी) को निलंबित कर दिया. वहीं एक दिन पहले लाइन बाजार थाने में प्रोफेसर के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था.

Lucknow : जौनपुर के तिलकधारी सिंह महाविद्यालय में छात्रा से अश्लील बातचीत के वायरल वीडियो के मामले में रविवार को कॉलेज परिसर में प्रबंध समिति की बैठक हुई. इसमें समिति ने अहम निर्णय लेते हुए आरोपी प्राचीन इतिहास के विभागाध्यक्ष (एचओडी) को निलंबित कर दिया. साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया गया है. यह समिति जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट देगी उसके बाद उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि टीडी कॉलेज में तैनात प्राचीन इतिहास के एचओडी डॉ. प्रदीप सिंह एक छात्रा से अश्लील बात करते हुए वीडियो वायकल हुआ था. जिसमें वह छात्रा पर गलत काम करने के लिए दबाव बना रहे हैं. छात्रा ने प्रोफेसर की इस हरकत का वीडियो बना लिया. इसके बाद 25 मई की शाम को वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया, जिससे हड़कंप मच गया. उस वीडियो का संज्ञान लेते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आलोक सिंह ने ई-मेल के माध्यम से आरोपी एचओडी से स्पष्टीकरण मांगा.

पुलिस दर्ज कर चुकी है एफआईआर

वहीं टीडी कालेज चौकी प्रभारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को वीडियो क्लिप के आधार पर लाइन बाजार थाने में प्रोफेसर के खिलाफ तहरीर दी थी. जिसके बाद डॉ. प्रदीप सिंह के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था. फिलहाल ऑनलाइन कक्षाएं चलने की वजह से आरोपी कॉलेज नहीं आ रहा है. मगर, पुलिस ने ई-मेल के जरिए सूचना देकर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है.

कॉलेज प्रबंधन की बैठक में लिए गए निर्णय

कॉलेज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले प्रोफेसर के खिलाफ रविवार को प्रबंधक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रबंध समिति की बैठक बुलायी. कॉलेज परिसर में हुई बैठक में समिति ने तत्काल प्रभाव से डॉ. प्रदीप सिंह सिंह को निलंबित करने का निर्णय लिया. इन्हें विभाग के प्रभारी एवं महाविद्यालय के सभी समितियों की सदस्यता से भी कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया.

समिति ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसमें प्रो. ओम प्रकाश सिंह को संयोजक, प्रो. अरुण कुमार चतुर्वेदी, प्रो. आभा सिंह या प्रो. सुषमा सिंह, प्रो. संतोष कुमार सिंह एवं प्रो. श्रद्धा सिंह को शामिल किया गया है. यह समिति 15 दिन में जांच रिपोर्ट देगी. कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आलोक सिंह ने बताया कि प्रबंध समिति के निर्णय के अनुसार डॉ. प्रदीप सिंह को निलंबित कर दिया गया है. इसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी जाएगी. जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति भी बनायी गई है.

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Author: Sandeep kumar

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