लखनऊ : हाथरस में 19 वर्षीया दलित किशोरी से बलात्कार मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बुधवार को घटना के लिए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और प्रभावी पैरवी करने के स्पष्ट निर्देश दिये हैं. सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथरस की घटना पर बात की. साथ ही कहा है कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाये.
साथ ही मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा है कि हाथरस की घटना को लेकर जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गयी है. जांच को लेकर गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप के नेतृत्व में टीम गठित की गयी है. वह एसआईटी के अध्यक्ष होंगे. जबकि, पुलिस उपमहानिरीक्षक चंद्रप्रकाश और आगरा पीएसी की सेनानायक पूनम टीम के सदस्य होंगे. यह एसआईटी सात दिनों में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.
इससे पहले हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने कहा था कि, “इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तारी के बाद जेल में बंद चारों आरोपितों के खिलाफ अब भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) भी जोड़ी जायेगी.” अलीगढ़ के आईजी पीयूष मोर्डिया ने कहा था कि मेडिकल जांच में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है. जांच के लिए नमूने फोरेंसिक लैब में भेजे गये हैं. रिपोर्ट की प्रतीक्षा है.
मालूम हो कि हाथरस में सामूहिक बलात्कार की शिकार 19 वर्षीय दलित लड़की की विगत मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 14 सितंबर को 19 साल की एक दलित लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी.
घटना के बाद पीड़ित लड़की को काफी गंभीर हालत में इलाज के लिए सोमवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पीड़िता की रीढ़ की हड्डी में जख्म थे. वह पक्षाघात का शिकार हो गयी. मामले में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है.
