समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अलीगढ़ पहुंचे थे. यहां उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को वोट न देकर, विधानसभा में योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने अपना गुस्सा जाहिर करेगी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल (रालोद)-सपा गठबंधन को आगामी चुनावों में कुल 403 विधानसभा सीटों में से 400 सीटों पर भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी.
अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखा है, गठबंधन (सपा-रालोद) को 400 सीटें मिलने जा रही हैं, बाकी की 3 सीटें बीजेपी को मिलेंगी.” उन्होंने राज्य में खराब कानून व्यवस्था के लिए आदित्यनाथ सरकार को भी आड़े हाथों लिया.
यही नहीं अखिलेश यादव ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के काफिले पर हमले को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की सबसे बड़ी विफलता करार देते हुए कहा, “हमें जैसे ही पता चला, सपा ने घटना की निंदा की. भाजपा को जवाब देना चाहिए कि क्या माफिया ने गोली चलाई, जब उन्होंने देखा कि राजनीतिक नेता है. यह कानून व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है. हमने उनकी कानून-व्यवस्था को कई बार देखा है.”
उन्होंने 2020 में एक 19 वर्षीय लड़की के हाथरस सामूहिक बलात्कार का जिक्र करते हुए, कहा कि जिसका शव उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रशासन की ओर से बिना सहमति या पीड़ित परिवार की उपस्थिति के अंतिम संस्कार किया गया था. “हाथरस की बेटी का परिवार चाहता था न्याय, वे उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना चाहते थे.” लेकिन इस सरकार के लोगों ने क्या किया? उन्होंने ऐसा नहीं होने दिया. अगर उसे अस्पताल में उचित इलाज मिलता तो शायद वह आज जिंदा होती.”
उत्तर प्रदेश में सात चरणों में विधानसभा चुनाव होना है. इसमें 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी और 3 और 7 मार्च शामिल है. मतों की गिनती 10 मार्च को होगी. 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 312 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. पार्टी ने 403 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में 39.67 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था. समाजवादी पार्टी (सपा) को 47 सीटें, बसपा ने 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस केवल सात सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी.
