लखनऊ : प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री के ऐलान को लेकर करीब एक हफ्ते का इंतजार आज शाम खत्म हो गया और विधायक दल की बैठक में गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को अप्रत्याशित रुप से प्रदेश का नया मुख्यमंत्री चुन लिया गया.
प्रदेश में पार्टी के पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने विधायक दल की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का ऐलान करते हुए बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लखनऊ के महापौर डाक्टर दिनेश शर्मा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद केशव प्रसाद मौर्य को उपमुख्यमंत्री बनाया है. यह दिलचस्प है कि इन तीनों को ही ना तो राज्य में और ना ही केंद्र में मंत्री पद का अनुभव है. ये तीनों राज्य विधानमण्डल के किसी भी सदन के सदस्य भी नहीं हैं. ऐसा पहली बार हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में दो उपमुख्यमंत्री बनाये गये हैं.
नायडू ने बताया कि वरिष्ठ विधायक सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ के नाम का प्रस्ताव रखा। स्वामी प्रसाद मौर्य समेत 11 लोगों ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया, जिसके बाद सभी विधायकों ने खडे होकर प्रस्ताव का समर्थन किया. उन्होंने विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिले दो तिहाई बहुमत को जाति तथा धर्म आधारित राजनीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनादेश करार देते हुए कहा कि भाजपा का मुख्य एजेंडा तीव्र विकास और सुशासन होगा.
नायडू ने बताया कि विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद आदित्यनाथ ने विधायकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इतनी बडी जिम्मेदारी को सम्भालने के लिये उन्हें दो वरिष्ठ नेताओं का सहयोग दिया जाए. इस बारे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से बात की गयी। इसमें केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया गया. कल दोपहर दो बजे शपथग्रहण समारोह होना है. शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहेंगे.
इससे पहले विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, विकास के रास्ते पर उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाना है. उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है . इसको आगे ले जाने के लिए मुझे सभी विधायकों का साथ चाहिए. साथ ही मुझे दो सहयोगी भी चाहिए जो मेरे साथ मिलकर काम कर सकें.
योगी आदित्यनाथ को संबोधन के बाद फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया. सबसे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई ने पहले यह खबर दी है. हालांकि अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.विस चुनाव की घोषणा से चुनाव परिणाम तक इसे लेकर बड़ा सस्पेंस कायम रहा. आज शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया .
बैठक में सबसे पहले विधायकों से उनकी राय पूछी गयी. विधायकों ने योेगी का नाम आगे किया. कल योगी दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री को चुना गया है. जिनमें कैशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा का नाम शामिल है.
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मीडिया में बैठक से पहले ही योगी के नाम की चर्चो जोरों पर थी. जिस तरह उन्हें विशेष विमान से यूपी लगाया गया . उनके साथ कई अहम नेता मौजूद थे. यूपी में मुख्यमंत्री के दौड़ में कई नामों की चर्चा थी . केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का नाम आगे था लेकिन मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में योगी आदित्यनाथ सबसे आगे निकल गये.
#FLASH Yogi Adityanath named CM designate for UP pic.twitter.com/1ih6Z6VAwc
शाम पांच बजे लखनऊ में विधायक दल की बैठक है. बैठक में हिस्सा लेने के लिए विधायकों का आना शुरू हो गया है. योगी आदित्यनाथ स्पेशल विमान से लखनऊ पहूंचे हैं. वही मनोज सिन्हा ने भी वाराणसी से बाबा विश्वनाथ की दर्शन के बाद दिल्ली के लिए उड़ान भरी है. केशव प्रसाद मौर्य थोड़ी देर पहले ही लखनऊ पहुंचे हैं.
गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को विशेष विमान से दिल्ली बुलाया गया . बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली बुलाया था . कुछ दिनों पहले चुनाव प्रचार के समय भी योगी से यूपी मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया गया था, इसपर उनहोंने न तो इनकार किया था और न ही सहमती जतायी थी. कल यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात किया था. चुनाव के बाद ही वह मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने पर इनकार नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री के लिए मैं बुरा हूं क्या .
योगी और मौर्य समर्थक थे आमने-सामने
