नोट बंदी का असर मयखानों पर भी, लोगों ने शराब पीना किया कम

कानपुर : नोटबंदी का असर यहां मयखानों पर देखने को मिल रहा है. शौकीन लोगों ने शराब की दुकानों से मुंह ही मोड़ लिया. सूरज ढलने के बाद शराब की दुकानो पर सुरा के शौकीनों की भीड़ व लाइनें दिखनी कम हो गयी हैं. आबकारी विभाग भी परेशान है, क्योंकि राजस्व में भी भारी गिरावट […]

कानपुर : नोटबंदी का असर यहां मयखानों पर देखने को मिल रहा है. शौकीन लोगों ने शराब की दुकानों से मुंह ही मोड़ लिया. सूरज ढलने के बाद शराब की दुकानो पर सुरा के शौकीनों की भीड़ व लाइनें दिखनी कम हो गयी हैं. आबकारी विभाग भी परेशान है, क्योंकि राजस्व में भी भारी गिरावट हो रही है. वैसे आठ नवंबर की रात को जब पीएम ने नोटबंदी की घोषणा की थी तब रात साढ़े आठ बजे से रात 11 बजे तक लोगों ने पुराने नोटों से खूब शराब खरीदी थी.

लेकिन जो लोग चूक गये थे वह अब पैसे न होने से लीकर शॉप पर जा नहीं पा रहे हैं. आबकारी अधिकारी देवराज सिंह ने बताया कि नौ नवंबर से शराब की बिक्री में चालीस फीसदी की कमी है. आम दिनों में कानपुर में रोज 21 हजार बोतल अंगरेजी, 40 हजार बोतल बियर और 35 हजार लीटर देशी शराब की बिक्री होती थी. नोटबंदी के बाद से 40 प्रतिशत कमी आयी है.

शराब प्रेमी ने बताया कि इस समय सारा ध्यान पुराने नोटों को बदलवाने में लगा है. जो चार हजार मिल रहे हैं, उनसे घर का खर्च चलाना ही मुश्किल हो रहा है, तो फिर शौक कहां से पूरा करें.

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