लखनऊ : आज समाजवादी पार्टी से निष्कासित वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव उस वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े, जब वे पार्टी के निष्कासन पर बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि जिन्हें लगता है कि मेरे साथ अन्याय हुआ है, वो सामने आयें और गलती को ठीक करें, अगर नहीं लगता है, तो ना करें. उन्होंने कहा कि मैं कभी मंत्री नहीं बनना चाहता था. अगर मुझे मंत्रीपद का लालच होता तो न्यूक्लीयर डील के वक्त ही बन गया होता, लेकिन मैंने नेताजी से कह दिया था कि मुझे मंत्री नहीं बनना. अब अगर मुझपर बेईमानी का आरोप लगे, तो इससे दुखद बात क्या हो सकती हैं. इस वाक्य को पूरा करते-करते रामगोपाल का गला रुंध गया और वे रोने लगे. लोगों ने उन्हें पानी पिलाया.
उन्होंने कहा कि मैं आज भी यह महसूस करता हूं कि मैं समाजवादी पार्टी में हूं, यह अलग बात है कि मैं कोई अधिकारिक काम नहीं करता. गौरतलब है कि अखिलेश और शिवपाल के बीच छिड़ी जंग के बीच उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था. जब अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव को अपनी कैबिनेट से निकाला था उसी दिन रात को रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाल दिया गया था. रामगोपाल यादव ने हमेशा अखिलेश का पक्ष लिया और उनके पक्ष में बयानबाजी की.
