लखनऊ: यूपी के विभिन्न शहरों में नागरिकता संसोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में प्रदर्शनोें का सिलसिला जारी है. राज्य के कई शहरों में प्रदर्शन हिंसक हो गये हैं. कुछ दिन पहले लखनऊ, मेरठ, फिरोजाबाद और बुलंदशहर जैसे शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में कई लोगों की जान गयी वहीं जानमाल का भी भारी नुकसान हुआ.
इसी दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से शांति बरतने की अपील की थी और साथ ही कहा था कि जो लोग भी हिंसा और उपद्रव में शामिल रहे हैं, उनकी पहचान करके सजा दी जाएगी. योगी आदित्यनाथ ने ये भी कहा था कि जिन लोगों ने भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें इसका हर्जाना देना होगा. आदेश पर त्वरित कार्रवाई भी हुई.
इन शहरों में की गयी कथित उपद्रवियों की पहचान
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी के सूचना एवं संचार विभाग ने लखनऊ, मेरठ, संभलपुर, रामपुर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, कानपुर, मऊ और बुलंदशहर में हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के संबंध में 498 लोगों की पहचान की है. यूपी पुलिस ने इन कथित उपद्रवियों का पोस्टर इन शहरों के विभिन्न चौराहों पर लगा दिया है. साथ ही लोगों से अपील की गयी है कि वो इन कथित उपद्रवियों के बारे में पुलिस को सूचित करें. ऐसा करने वालों को यूपी पुलिस की तरफ से इनाम देने की भी बात कही गयी है.
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 दिसंबर को लखनऊ में बीएसएनएल को छोड़कर सभी मोबाइल इंटरनेट सुविधा पर 27 दिसंबर को बंद रखने का फैसला किया है. यूपी सरकार ने एसएमएस सेवा पर भी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है.
